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September 4, 2026
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव-2026 में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। नगर निगम के 150 वार्डों में कुल 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। इन प्रत्याशियों के लिए जयपुर की जनता 11 सितंबर को मतदान करेगी। इस बार चुनावी तस्वीर कई मायनों में दिलचस्प है। नगर निगम के 17 वार्ड ऐसे हैं, जहां केवल दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। ऐसे में इन वार्डों में सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा। वहीं 35 वार्डों में तीन-तीन प्रत्याशी होने के कारण त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी हुई है।
इन 17 वार्डों में होगी सीधी टक्कर
जिला निर्वाचन शाखा के आंकड़ों के अनुसार वार्ड संख्या 41, 42, 45, 49, 52, 53, 60, 83, 90, 91, 94, 122, 123, 129, 131, 142 और 150 में केवल दो-दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन वार्डों में तीसरा कोई प्रत्याशी नहीं बचा है। ऐसे में यहां मुकाबला सीधे दो उम्मीदवारों के बीच होगा। इन सीटों पर वोटों के अधिक बिखराव की संभावना कम होने के कारण प्रत्येक वोट की अहमियत बढ़ गई है। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिए अपने समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाना निर्णायक साबित हो सकता है।
35 वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबला
जयपुर नगर निगम के 35 वार्डों में तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इन वार्डों में तीसरे प्रत्याशी की मौजूदगी भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख दलों का चुनावी गणित प्रभावित कर सकती है।त्रिकोणीय मुकाबले में निर्दलीय या बागी प्रत्याशी किस दल के वोटों में सेंध लगाता है, यह चुनाव परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे वार्डों में थोड़े वोटों का अंतर भी जीत-हार का फैसला कर सकता है।
वार्ड 62 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी
जयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 62 में सबसे ज्यादा 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। यहां बहुकोणीय मुकाबला होने के कारण चुनाव बेहद रोचक रहने की संभावना है। इसके अलावा वार्ड संख्या 16 और 130 में 11-11 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि वार्ड संख्या 132 में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इन वार्डों में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने के कारण वोटों के कई हिस्सों में बंटने की संभावना है। ऐसे में जीत का अंतर भी अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
बागी और निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं समीकरण
टिकट वितरण के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को कई वार्डों में नाराज दावेदारों और बागियों का सामना करना पड़ा। नाम वापसी तक दोनों पार्टियों ने अपने-अपने असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कोशिश की, लेकिन कई जगह निर्दलीय और बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। ऐसे वार्डों में चुनाव केवल भाजपा और कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय प्रभाव, व्यक्तिगत जनसंपर्क और बागी प्रत्याशियों की ताकत भी नतीजों पर असर डाल सकती है।
आज प्रत्याशियों को मिलेंगे चुनाव चिह्न
चुनाव मैदान में मौजूद सभी 723 प्रत्याशियों को 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। भाजपा, कांग्रेस और अन्य मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के अधिकृत उम्मीदवार अपने निर्धारित पार्टी चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे। वहीं निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित मुक्त चुनाव चिह्नों में से प्रतीक आवंटित किए जाएंगे। चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशियों का प्रचार अभियान और तेज होगा। इसके बाद घर-घर जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं, सोशल मीडिया प्रचार और बूथ स्तर की बैठकों पर राजनीतिक दलों का फोकस रहेगा।
11 सितंबर को जयपुर में मतदान
जयपुर नगर निगम के वार्ड पार्षदों के चुनाव के लिए 11 सितंबर 2026 को मतदान होगा। नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन के बाद अब प्रत्याशियों के पास मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सीमित समय रह गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी के सभी वार्डों में चुनाव प्रचार तेजी पकड़ने वाला है। 150 वार्डों में 723 उम्मीदवारों की मौजूदगी के बीच जहां 17 वार्डों में सीधी लड़ाई होगी, वहीं कई वार्डों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले जयपुर नगर निगम चुनाव को रोचक बना रहे हैं।
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