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September 4, 2026
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में PhD प्रवेश प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और खाली सीटों को भरने की मांग को लेकर शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने गुरुवार को एक बार फिर RUPA कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान नाराज छात्रों ने प्रो. गुप्ता के कार्यालय का घेराव किया और उन्हें कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके बाद छात्र नीचे धरने पर बैठ गए और PhD एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा कथित गड़बड़ियों को सुधारने की मांग की।छात्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से विश्वविद्यालय प्रशासन को PhD प्रवेश से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इकोनॉमिक्स विभाग में 13 सीटों पर 15 एडमिशन का आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान सबसे गंभीर सवाल इकोनॉमिक्स विभाग में PhD प्रवेश को लेकर उठाया गया।प्रदर्शनकारी शोधार्थियों का आरोप है कि इकोनॉमिक्स विभाग में अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित 13 सीटों के मुकाबले 15 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।छात्रों ने मांग की कि स्वीकृत सीटों से अधिक किए गए प्रवेश की जांच की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो ऐसे प्रवेश निरस्त किए जाएं।प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने दावा किया कि बातचीत के दौरान RUPA समिति के समक्ष इस विसंगति को स्वीकार किया गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
साइकोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में भी गड़बड़ी का आरोप
छात्रों ने केवल इकोनॉमिक्स विभाग ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस विभागों की प्रवेश प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। शोधार्थियों की मांग है कि सभी विषयों की सीट मैट्रिक्स, श्रेणीवार सीटें, अभ्यर्थियों के प्रतिशताइल और इंटरव्यू में मिले अंक सार्वजनिक किए जाएं, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।
174 खाली PhD सीटें भरने की मांग
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में खाली पड़ी 174 PhD सीटों को भरना भी शामिल है। छात्रों ने JRF योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने, रिक्त सीटों के संबंध में स्पष्ट नीति बनाने और जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता तब तक नए प्रवेशित विद्यार्थियों का कोर्सवर्क स्थगित रखने की मांग भी रखी।
9 बिंदुओं पर बनी सहमति
लंबे विरोध और बातचीत के बाद छात्रों और विश्वविद्यालय की RUPA समिति के बीच 9 बिंदुओं पर सहमति बनी है। इन मांगों और कथित अनियमितताओं पर आगे चर्चा के लिए RUPA समिति की 5 सितंबर को कुलपति के साथ बैठक प्रस्तावित है। छात्रों को उम्मीद है कि बैठक में खाली सीटों, सीट मैट्रिक्स, JRF अभ्यर्थियों और कथित अतिरिक्त प्रवेश के मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पहले भी कन्वीनर का किया था घेराव
PhD एडमिशन को लेकर विश्वविद्यालय में पिछले कई सप्ताह से विरोध जारी है। छात्रों ने इससे पहले भी RUPA कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता का घेराव कर विरोध दर्ज कराया था। शोधार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में PhD सीटें रिक्त रहने के बावजूद प्रशासन उन्हें भरने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं कर रहा है।
कुलपति बोलीं- नियमों के अनुसार हो रहे फैसले
दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अल्पना कटेजा ने प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों के बीच कहा है कि विश्वविद्यालय के सभी निर्णय नियमों के अनुसार लिए जा रहे हैं। अब 5 सितंबर की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें RUPA समिति और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की 9 मांगों पर चर्चा करेंगे।
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