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September 4, 2026
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 को लेकर भाजपा ने चुनावी और संगठनात्मक रणनीति को अंतिम रूप देना तेज कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने शुक्रवार को जयपुर स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संभागीय चुनाव संचालन समिति से जुड़े पदाधिकारियों और केंद्रीय नेतृत्व की ओर से निकाय चुनाव के लिए लगाए गए नेताओं के साथ मैराथन बैठकें कीं। बैठकों में अलग-अलग निकायों की चुनावी स्थिति, संगठन की मजबूती, बागी प्रत्याशियों, बूथ मैनेजमेंट और नेताओं की सक्रियता को लेकर विस्तार से फीडबैक लिया गया। बीएल संतोष शुक्रवार को निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए जयपुर पहुंचे हैं और प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है।
‘उम्मीदवार कमजोर हो, फिर भी उसे जिताने के लिए पूरी ताकत लगाएं’
बैठक में संगठन की एकजुटता और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के साथ अंत तक खड़े रहने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। चर्चा के दौरान एक नेता ने सुझाव दिया कि जिन वार्डों में भाजपा प्रत्याशी कमजोर स्थिति में दिखाई दे रहा है और मुकाबला कांग्रेस व किसी मजबूत निर्दलीय प्रत्याशी के बीच बन रहा है, वहां भविष्य में बोर्ड गठन के समीकरणों को देखते हुए निर्दलीय प्रत्याशी से अभी से संपर्क किया जाना चाहिए।
इस सुझाव पर बीएल संतोष ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी चाहे चुनावी रूप से कितना भी कमजोर क्यों न दिखाई दे, पार्टी और संगठन को मतदान तक पूरी मजबूती से उसी के साथ खड़ा रहना है और उसे जिताने का हर संभव प्रयास करना है। बैठक में इस संदेश को संगठनात्मक अनुशासन और अधिकृत प्रत्याशी के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता के रूप में देखा गया।
सांसदों की सक्रियता पर भी उठा सवाल
बैठक के दौरान निकाय चुनाव में कुछ सांसदों की अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई देने का मुद्दा भी सामने आया। शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने फीडबैक देते हुए कहा कि चुनाव अभियान में सांसदों की भागीदारी और सक्रियता और अधिक होनी चाहिए। इस पर बीएल संतोष ने साफ किया कि चुनाव में पार्टी से जुड़ा हर नेता सक्रिय भूमिका निभाएगा। सांसद हों, विधायक हों या संगठन के पदाधिकारी—सभी को अपने निर्वाचन क्षेत्र और प्रभाव वाले इलाकों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में पूरी ताकत से चुनाव अभियान में जुटना होगा।
केंद्रीय नेतृत्व की चुनाव पर सीधी नजर
बीएल संतोष का निकाय चुनाव के बीच जयपुर आकर प्रदेश कार्यालय में लगातार बैठकें करना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव को गंभीरता से ले रहा है। उनकी बैठकों का फोकस बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति, बागियों से होने वाले नुकसान, स्थानीय चुनावी समीकरण और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर है। पार्टी नेतृत्व बूथ नेटवर्क और वार्ड स्तर के संगठन का भी फीडबैक ले रहा है।
कमजोर सीटों की अलग से समीक्षा
बैठकों में उन निकायों और वार्डों पर भी चर्चा हुई, जहां भाजपा के लिए मुकाबला कठिन माना जा रहा है। पार्टी के प्रभारियों से यह जानकारी ली गई कि किस क्षेत्र में प्रत्याशी मजबूत स्थिति में है, कहां बागी या निर्दलीय उम्मीदवार नुकसान पहुंचा सकता है और किन वार्डों में अतिरिक्त संगठनात्मक ताकत लगाने की जरूरत है। बीएल संतोष ने नेताओं को केवल मजबूत सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय कमजोर मानी जा रही सीटों पर भी अंतिम समय तक पूरी ताकत लगाने का संदेश दिया।
बागियों के बाद अब बूथ मैनेजमेंट पर फोकस
नाम वापसी के दौरान भाजपा ने कई बागी उम्मीदवारों को चुनाव मैदान से हटाने में सफलता हासिल की है। जयपुर में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नाराज दावेदारों को मनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
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