Post Views 01
August 24, 2026
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही जयपुर में टिकट की सियासत तेज हो गई है। जयपुर के 150 वार्डों में करीब 24 लाख मतदाता अपने नए पार्षद चुनेंगे। चुनावी मुकाबले से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट हासिल करने की होड़ ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल के मुताबिक अब तक पार्षद पद के टिकट के लिए 2500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं और अन्य दावेदारों के आवेदन एवं बायोडाटा पार्टी के पास पहुंच चुके हैं। इनमें करीब 1000 दावेदार महिलाएं हैं। खास बात यह है कि महिला आरक्षित वार्डों के साथ सामान्य यानी ओपन वार्डों से भी महिलाओं ने बड़ी संख्या में दावेदारी पेश की है।
पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
अमित गोयल ने कहा कि केवल आवेदन करने से किसी का टिकट तय नहीं होगा। पार्टी उम्मीदवार चयन के दौरान संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।दावेदार की संबंधित वार्ड में सक्रियता, जनसेवा, जनता के बीच पकड़, राजनीतिक-सामाजिक रिकॉर्ड और चुनाव जीतने की क्षमता को भी देखा जाएगा। पार्टी अपने स्तर पर सर्वे कराकर संभावित उम्मीदवारों की जमीनी स्थिति का आकलन करेगी।गोयल के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में उत्साह है और इसी वजह से टिकट मांगने वालों की संख्या काफी अधिक है।
कांग्रेस से BJP में आए नेताओं के लिए भी टिकट का रास्ता खुला
कांग्रेस या दूसरे राजनीतिक दलों से भाजपा में आए नेताओं को टिकट देने के सवाल पर गोयल ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के लिए टिकट का रास्ता बंद नहीं है।यदि पार्टी के सर्वे में कोई नया नेता अपने वार्ड में मजबूत और चुनाव जीतने की स्थिति में पाया जाता है तो उसके नाम पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि उसी वार्ड में कोई पुराना भाजपा कार्यकर्ता ज्यादा मजबूत स्थिति में मिलता है तो प्राथमिकता पुराने कार्यकर्ता को दी जाएगी।
ओपन वार्डों से भी महिलाओं की मजबूत दावेदारी
इस चुनाव में महिलाओं की दावेदारी भाजपा के टिकट समीकरण को दिलचस्प बना रही है। करीब 1000 महिला दावेदारों में कई ने सामान्य वार्डों से भी टिकट मांगा है।गोयल ने कहा कि सामान्य वार्ड महिला और पुरुष सभी के लिए खुले हैं। पार्टी ऐसे वार्डों में जाति या लिंग के बजाय मजबूत और जिताऊ उम्मीदवार को प्राथमिकता देगी। यदि किसी सामान्य वार्ड में महिला दावेदार की स्थिति सबसे मजबूत सामने आती है तो उसे टिकट देने पर विचार किया जाएगा।इसके साथ वार्ड के सामाजिक और जातीय समीकरणों को भी उम्मीदवार चयन में ध्यान में रखा जाएगा।
जिला पदाधिकारी भी मांग सकते हैं टिकट
भाजपा के जिला और संगठन पदाधिकारियों की दावेदारी को लेकर भी पार्टी ने स्थिति स्पष्ट की है। लंबे समय से संगठन में सक्रिय कोई पदाधिकारी यदि चुनाव लड़ना चाहता है और उसका वार्ड सामाजिक तथा राजनीतिक समीकरण के लिहाज से अनुकूल है तो उसके नाम पर विचार हो सकता है।हालांकि संगठन में बड़ा पद होना अपने आप में टिकट मिलने की गारंटी नहीं होगा। अंतिम निर्णय सर्वे, संगठनात्मक फीडबैक और जीत की संभावना के आधार पर होगा।
अमित गोयल बोले- मैंने टिकट नहीं मांगा
जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल के स्वयं पार्षद चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी उन्होंने स्थिति स्पष्ट की है।गोयल ने कहा कि उन्होंने किसी वार्ड से टिकट के लिए आवेदन नहीं किया है। फिलहाल उनकी जिम्मेदारी स्वयं चुनाव लड़ने के बजाय शहर में पार्टी को चुनाव लड़ाने और संगठन को मजबूत करने की है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश देता है तो संगठन का आदेश उनके लिए सर्वोपरि होगा।
नए चेहरों की कतार, लेकिन पहला हक पुराने कार्यकर्ताओं का
भाजपा के संपर्क में ऐसे लोग भी हैं, जो फिलहाल पार्टी के प्राथमिक सदस्य तक नहीं हैं, लेकिन भाजपा से जुड़कर पार्षद चुनाव लड़ना चाहते हैं। इनमें सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय लोग और दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े रहे चेहरे भी शामिल हैं।पार्टी का कहना है कि नए और मजबूत चेहरों की दावेदारी पर विचार किया जा सकता है, लेकिन टिकट वितरण में उन कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी, जो लंबे समय से भाजपा की विचारधारा और संगठन के लिए सक्रिय रहे हैं।
किसी एक नेता के हाथ में नहीं होगा टिकट का फैसला
जयपुर के 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन किसी एक नेता की सिफारिश पर नहीं होगा। पार्टी अलग-अलग स्तरों से दावेदारों का फीडबैक लेगी।सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन की राय, दावेदार की वार्ड में सक्रियता, सामाजिक समीकरण, राजनीतिक रिकॉर्ड और चुनाव जीतने की संभावना जैसे बिंदुओं को मिलाकर अंतिम नाम तय किए जाएंगे।
अगस्त के आखिरी सप्ताह में सामने आ सकते हैं नाम
उम्मीदवारों की सूची जारी होने के सवाल पर गोयल ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है। हालांकि 31 अगस्त के आसपास नामांकन की अंतिम समय-सीमा को देखते हुए उससे दो-तीन दिन पहले प्रत्याशियों की सूची आने की संभावना जताई जा रही है।ऐसे में अगस्त के आखिरी सप्ताह में भाजपा के भीतर टिकट को लेकर गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
150 टिकट और 2500 से ज्यादा दावेदार
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो भाजपा के सामने उम्मीदवार चयन बड़ी चुनौती होगी। 150 वार्डों के लिए 2500 से अधिक दावेदार होने का मतलब है कि औसतन एक टिकट के लिए 16 से ज्यादा दावेदार मैदान में हैं।इसमें पुराने भाजपा कार्यकर्ता, संगठन पदाधिकारी, महिलाएं, दूसरे दलों से भाजपा में आए नेता और नए चेहरे शामिल हैं। करीब 1000 महिला दावेदारों की मौजूदगी से इस बार कई सामान्य वार्डों में भी टिकट का परंपरागत समीकरण बदल सकता है।अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा अपने सर्वे और संगठनात्मक फीडबैक के बाद 150 वार्डों में किन चेहरों को चुनाव मैदान में उतारती है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved