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August 23, 2026
राजस्थान में दूध बोनस और अमूल के विरोध को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में दूध बोनस के करीब 400 करोड़ रुपए बकाया हैं। गृह मंत्री अमित शाह अब दुग्ध उत्पादकों की आजीविका पर कुठाराघात करने के लिए अमूल को राजस्थान में स्वतंत्र डेयरी फेडरेशन के लिए मैदान में उतारने वाले हैं जिसका राजस्थान डेयरी फेडरेशन विरोध कर रहा है।
इसी को लेकर आज अजमेर में अमूल के विरोध में दुग्ध उत्पादकों का महाकुंभ आयोजित किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में दुग्ध उत्पादकों ने भागीदारी निभाई है।
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो सुप्रीम कोर्ट की शरण लेंगे ।
अजमेर में रविवार को अमूल डेयरी के विस्तार के विरोध और राजस्थान के स्थानीय सहकारी नेटवर्क सरस को बचाने की मांग को लेकर किसानों-पशुपालकों ने शक्ति प्रदर्शन किया।
तबीजी फार्म के पास कच्छावा गार्डन में आयोजित 'सरस सहकार महाकुंभ' में प्रदेश के 15 जिलों से हजारों किसान और पशुपालक पहुंचे। मंच से 'अमूल भगाओ-सरस बचाओ' का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चेताया कि राजस्थान में अमूल के विस्तार को बढ़ावा दिया गया तो आंदोलन को दिल्ली तक ले जाया जाएगा।
महाकुंभ में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर किसानों और पशुपालकों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान दूध, बकरी और अनाज बेचकर अपने बच्चों की पढ़ाई और इलाज के लिए पैसा जोड़ता है, लेकिन आज पूरे राजस्थान में किसानों के दूध और बोनस का करीब 400 करोड़ रुपए सरकार पर बकाया है। इससे पशुपालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में अस्पतालों में गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा और सरकारी स्कूलों में भवन और शिक्षक तक नहीं हैं। किसानों को नकली खाद और नकली दवाइयों की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार से तुलना करते हुए कहा कि पांच साल में 10 लाख गरीबों को पट्टे दिए गए थे, जबकि मौजूदा सरकार में हाईकोर्ट के स्टे के कारण गरीबों के काम अटक गए हैं।
डोटासरा ने पंचायती राज, सहकारिता, छात्रसंघ और नगर निकाय चुनावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरस और सहकारिता को बचाने की लड़ाई अकेले पशुपालकों की नहीं है। कांग्रेस इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के मॉडल का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए राज्यों के स्वतंत्र सहकारी ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। चौधरी ने कहा कि राजस्थान के पशुपालक सरस की कीमत पर अमूल का कब्जा किसी भी सूरत मेंअजमेर डेयरी अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो सहकारिता से जुड़े लोग सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। चौधरी ने कहा कि सरस केवल एक डेयरी ब्रांड नहीं, बल्कि राजस्थान के लाखों पशुपालकों की आजीविका और सहकारी व्यवस्था से जुड़ा नेटवर्क है। महाकुंभ में पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, कई पूर्व विधायक, 15 जिला दुग्ध संघों के प्रतिनिधि और सहकारिता से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
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