Post Views 01
August 21, 2026
नांद स्थित श्री राजपूत सभा भवन में तीन दिवसीय भुवासा जीजा भाणजी बाईसा स्नेह मिलन समारोह का भव्यता से आगाज
ऐसे आयोजन हमारी पुरानी संस्कृति को रखते है जीवित, गांव का भ्रमण कर मन्दिरों के किए दर्शन और झलक उठी पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति
अजमेर। ग्राम पंचायत नांद स्थित श्री राजपूत सभा भवन में शुक्रवार गोविंदासोत जोधा परिवार नांद की ओर से तीन दिवसीय भव्य भुवासा, जीजा भाणजी बाईसा स्नेह मिलन समारोह और संगम भव्यता और उत्साह से शुरू हुआ। समारोह में भुवासा जीजा भाणजी बाईसा का ऐतिहासिक मिलन और आपस में।परिचय हुआ। इस तीन दिवसीय भुवासा जीजा भाणजी बाईसा स्नेह मिलन समारोह का शुभारम्भ समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राजस्थान सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत, पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने शिरकत कर बहन बेटियों की हौंसला अफजाई की। इस मौके पर पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने समारोह की सराहना करते कहा कि ऐसे आयोजन हमारी पुरानी संस्कृति को जीवित रखते है। पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने कहा कि इस कार्यक्रम से हमारी पुराने रीति रिवाज और संस्कृति जाग उठी है। ऐसे आयोजन के माध्यम से एक बड़ा जागरुकता का संदेश भी मिलेगा। आयोजन समिति सदास्य व पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने बताया कि नांद की धरती पर आज ऐतिहासिक समारोह उत्साह और उमंग से शुभारम्भ हुआ, जिसका समापन 23 अगस्त को होगा। समारोह के शुभारम्भ के बाद सभी बहन व बेटियों को को ग्राम भ्रमण कराया और नंंदराय माता मंदिर व ठाकुर जी मंदिर के दर्शन कराए। इसके बाद सभा भवन में सभी बहन बेटियों का स्वागत किया गया। इस दौरान सभी ने आपस मे अपना परिचय किया और पुरानी यादों को ताजा किया । बचपन के खेलकूद, पारंपरिक राजस्थानी नृत्य सहित कई सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। सभी ने पारंपरिक राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का जमकर आनंद उठाया। इस समारोह के लिए पूरे राजस्थान से गोविंदा सोत जोधा परिवार नांद की 1500 बहन बेटियों को आमंत्रित किया गया है। समारोह के दूसरे दिन 22 अगस्त को राम मंदिर व ककड़ेश्वर मकडेश्वर मंदिर दर्शन कराए जाएंगे। शाम को पुष्कर झूला व बैकुंठ मंदिर के दर्शन का कार्यक्रम होगा। रात को पारंपरिक राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या की धूम मचेगी। यह समारोह गोविंदासोत परिवार नांद की ओर से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर ढोल नगाड़ों ब कच्ची घोड़ी नृत्य व सत्कार सम्मान से राजस्थानी संस्कृति की झलक साकार हो उठी। समारोह में बिरजू सिंह राठौड़, लक्ष्मण सिंह फौजी, दयाल सिंह राठौड़, नरेंद्र सिंह जोधा, नाहर सिंह पाटवी, गजेंद्र सिंह जेलदार, नाथु सिंह राठौड़ व ज्ञानेंन्द्र सिंह( हवेली) आदि समिति सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भवानी सिंह राठौड़ ने किया।
नांद की पवित्र मिट्टी लेकर जाए अपने साथ
समारोह के दौरान संबोधित करते आयोजक व पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा, नांद की पवित्र मिट्टी अपने साथ लेकर जाए और इस मिट्टी को मंदिर में रखे। इससे परिवार में सुख समृद्धि और खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि नांद गांव के बारे में पुराणों में लिखा है कि पुष्कर तीर्थ स्नान के बाद नांद ग्राम की नंदा सारस्वती नदी में स्नान करने से पूरा तीर्थ स्नान माना जाता है। ऐसा पुराणों और इतिहास में लिखा है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved