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Ajmer Breaking News: टेलरिंग करने वाले बुजुर्ग गोविंदगढ़ निवासी 62 वर्षीय टेलर रेखराज ठाड़ा को 975 करोड़ की टैक्स रिकवरी का नोटिस, बोले- न कंपनी चलाई न कभी गुजरात गया |  Ajmer Breaking News: आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर कांग्रेस का हल्लाबोल, मातृ शक्ति मानसून फेस्ट पर रोक लगाने की मांग |  Ajmer Breaking News: टीटीई चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से ट्रेन में 4 शातिर चोर गिरफ्तार; 8 मोबाइल फोन व ₹4500 की नगदी बरामद, अजमेर आरपीएफ को किया सुपुर्द |  Ajmer Breaking News: पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर 6.50 लाख की साइबर ठगी, दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अमूल भगाओ-सरस बचाओ के नारे के साथ होगा सरस सहकार महाकुंभ, 23 अगस्त को कच्छावा गार्डन में जुटेंगे 25 हजार लोग |  Ajmer Breaking News: कार में रखा एक लाख रुपये से भरा बैग दोस्त लेकर हुआ फरार, कोर्ट में दायर इस्तगासे से सिविल लाइन थाने में हुआ मामला दर्ज |  Ajmer Breaking News: सलाखों से सिर टकराकर घायल हुआ हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली, कड़ी सुरक्षा में जेएलएन अस्पताल पहुंचाया, |  Ajmer Breaking News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल  कठोर कारावास, 50 हजार के अर्थ दंड से किया दंडित, |  Ajmer Breaking News: पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने बीजेपी की सदस्यता से दिया इस्तीफा, बदले की भावना से कार्रवाई का लगाया आरोप |  Ajmer Breaking News: कल मिली नागौर की चुनावी कमान, आज इस्तीफे का ऐलान! पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत के फैसले से भाजपा में बड़ी हलचल | 

अजमेर न्यूज़: टेलरिंग करने वाले बुजुर्ग गोविंदगढ़ निवासी 62 वर्षीय टेलर रेखराज ठाड़ा को 975 करोड़ की टैक्स रिकवरी का नोटिस, बोले- न कंपनी चलाई न कभी गुजरात गया

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August 21, 2026

जांच के दौरान कथित तौर पर रेखराज का नाम सूरत की एक दूसरी कंपनी जय बाबेरी डायम प्राइवेट लिमिटेड में भी डायरेक्टर के तौर पर सामने आया।

अजमेर/गोविंदगढ़। अजमेर जिले के गोविंदगढ़ निवासी 62 वर्षीय टेलर रेखराज ठाड़ा उस समय हैरान रह गए, जब उन्हें आयकर विभाग की ओर से करीब 975 करोड़ रुपए की टैक्स रिकवरी का नोटिस मिला। रेखराज का कहना है कि वह सिलाई का काम करके हर महीने करीब 15 हजार रुपए कमाते हैं। न उन्होंने कभी कोई कंपनी संचालित की और न ही गुजरात गए, लेकिन आयकर विभाग के रिकॉर्ड में उन्हें सूरत की एक डायमंड कंपनी का डायरेक्टर बताया गया है।

रेखराज के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को सूरत से आयकर विभाग का नोटिस उनके घर पहुंचा। इसमें उन्हें 20 अगस्त तक सूरत पहुंचकर मामले में अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया। नोटिस में रेखराज के नाम पर 974 करोड़ 97 लाख 25 हजार 457 रुपए की टैक्स रिकवरी बताई गई है। इतनी बड़ी रकम का नोटिस देखकर रेखराज और उनका परिवार सकते में आ गया।

सूरत की कंपनी में डायरेक्टर बताए गए

आयकर विभाग के नोटिस के मुताबिक, रेखराज ठाड़ा सूरत की रूप रजत डायमंड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं। रेखराज का कहना है कि उन्हें इस कंपनी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका दावा है कि किसी व्यक्ति ने उनके पैन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए कंपनी के दस्तावेजों में उनका नाम डायरेक्टर के तौर पर दर्ज करा दिया।

रेखराज ने बताया कि वह लंबे समय से टेलरिंग का काम कर रहे हैं। उनकी आमदनी भी सीमित है। ऐसे में करीब 975 करोड़ रुपए की टैक्स देनदारी का नोटिस उनके लिए बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने परिवार के लोगों को बताया कि उन्होंने न तो कभी इतनी बड़ी रकम का कारोबार किया और न ही डायमंड कारोबार से उनका कोई संबंध रहा है।

रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आई दूसरी कंपनी

नोटिस मिलने के बाद परिवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक परिचित सीए से रिकॉर्ड की पड़ताल कराई। जांच के दौरान कथित तौर पर रेखराज का नाम सूरत की एक दूसरी कंपनी जय बाबेरी डायम प्राइवेट लिमिटेड में भी डायरेक्टर के तौर पर सामने आया।

इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। रेखराज का कहना है कि उन्होंने दोनों कंपनियों में कभी कोई पद नहीं संभाला और न ही इन कंपनियों से उनका कोई व्यावसायिक संबंध रहा है। उनका आरोप है कि उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर उन्हें कंपनियों से जोड़ दिया गया।2011 से कंपनी संचालन का रिकॉर्ड

रेखराज के अनुसार, आयकर विभाग के रिकॉर्ड में रूप रजत डायमंड प्राइवेट लिमिटेड का संचालन वर्ष 2011 से बताया गया है। उनका कहना है कि यदि इतने वर्षों से कंपनी के रिकॉर्ड में उनका नाम डायरेक्टर के रूप में दर्ज है, तो इसकी जानकारी उन्हें अब तक क्यों नहीं हुई।

रेखराज ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कभी गुजरात नहीं गए। उनके मुताबिक, उन्होंने सूरत जाकर किसी कंपनी में काम करना या कारोबार करना तो दूर, वहां की किसी डायमंड कंपनी से कोई लेन-देन भी नहीं किया। उन्हें अपने नाम के इस कथित इस्तेमाल की जानकारी पहली बार आयकर विभाग का नोटिस मिलने के बाद हुई।

पुलिस से की शिकायत

मामले की जानकारी मिलने के बाद रेखराज ने पीसांगन थाने में शिकायत दी। हालांकि पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के बजाय उनका परिवाद लिया। इसके बाद रेखराज और उनके परिजन अजमेर एसपी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।

अजमेर के एडिशनल एसपी ग्रामीण लालचंद कायल को भी मामले से अवगत कराया गया। रेखराज के अनुसार, अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया और परिवाद दर्ज कराया गया। अब परिवार चाहता है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाए कि रेखराज के पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किसने किया और उन्हें कंपनियों के डायरेक्टर के रूप में रिकॉर्ड में कैसे दर्ज कराया गया।

ईमेल से भेजा आयकर विभाग को जवाब

आयकर विभाग के नोटिस में 20 अगस्त तक सूरत पहुंचकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। रेखराज ने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से सूरत जाने के बजाय नोटिस का जवाब ईमेल के माध्यम से भेज चुके हैं। उन्होंने विभाग को बताया है कि उनका इस कंपनी और कथित कारोबार से कोई संबंध नहीं है।

परिवार का कहना है कि एक सामान्य टेलर के नाम पर इतनी बड़ी टैक्स देनदारी सामने आने से वे मानसिक तनाव में हैं। रेखराज, उनके दोनों बेटे और एक भाई मामले की जांच और दस्तावेजों को ठीक कराने के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

पैन कार्ड के दुरुपयोग की आशंका

रेखराज का मुख्य आरोप पैन कार्ड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। उनका कहना है कि यदि किसी ने उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कंपनी बनाई या उन्हें डायरेक्टर बनाया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार यह भी चाहता है कि संबंधित कंपनियों के गठन, डायरेक्टर नियुक्ति, बैंक खातों और आयकर रिकॉर्ड में इस्तेमाल दस्तावेजों की जांच की जाए।

फिलहाल मामला पुलिस शिकायत और आयकर विभाग को दिए गए स्पष्टीकरण के स्तर पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रेखराज का नाम कंपनियों के रिकॉर्ड में किस प्रक्रिया के तहत दर्ज हुआ और करीब 975 करोड़ रुपए की टैक्स रिकवरी से उनका वास्तविक संबंध है या नहीं। मामले में रेखराज का दावा है कि वह केवल सिलाई का काम करते हैं और उन्हें करोड़ों रुपए के इस कथित कारोबार की कोई जानकारी नहीं है।


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