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August 20, 2026
प्राचीन चामुंडा माता मंदिर के स्थापना दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब: आज लगा भव्य मेला
अजमेर। अरावली पर्वतमाला पर 1300 फीट की ऊँचाई पर स्थित ऐतिहासिक चामुंडा माता मंदिर के वार्षिक स्थापना दिवस पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सप्तमी की पूर्व संध्या पर आयोजित विशाल भजन संध्या के बाद आज अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ सुबह से ही माता के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर माता रानी का भव्य श्रृंगार कर उन्हें नोटों की विशेष माला भी अर्पित की गई है।
आज मुख्य दिन दोपहर 1 बजे माता रानी को 56 भोग का विशेष प्रसाद अर्पित किया गया और इसके बाद श्रद्धालुओं में महाप्रसाद व भंडारे का वितरण शुरू हुआ।
मां चामुंडा अजमेर शहर की रखवाली करने वाली और अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की आराध्य देवी हैं। मान्यता है कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान तारागढ़ किले से गुफा के रास्ते माता के दर्शन करने आते थे और माता के आशीर्वाद से ही उन्होंने कई युद्ध जीते। उन्होंने बताया कि अजमेर में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मां के दरबार में पहली धोक लगाकर ही होती है।
मंदिर कमेटी से जुड़े बिराम सिंह रावत ने बताया कि मां चामुंडा के दरबार में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है और यह मेला 900 वर्षों से अधिक पुरानी परंपरा के अनुसार हर साल श्रावण मास की अष्टमी को आयोजित होता आ रहा है।
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