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August 16, 2026
हजरत ख़्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्ला आलेही के दरबार में पंजाब भारतीय जनता पार्टी, श्री मुक्तसर साहिब, के बीजेपी लीडर कुलदीप सिंह भंगेवाला अपने साथियों सहित अजमेर पहुंचे..
इस अवसर पर उनके साथ दिनेश भाजी, रोबिन , मानक साहिब, दमन , विक्रांत , नवीन , मिन्नी , सुमीत एवं समस्त संगत मौजूद रही।
जहां इन सभी ने हजरत ख़्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्ला आलेही के दरबार में पहुंचकर मन को अपार शांति एवं सुकून की अनुभूति हासिल की। ख्वाजा के दरबार में इन सभी ने समस्त संगत की सुख-शांति एवं सरबत के भले के लिए अरदास की।
पंजाब के भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा अजमेर शरीफ दरगाह पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश करना सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और आपसी भाईचारे का एक सुंदर संदेश प्रस्तुत करता है। कुलदीप सिंह भंगेवाला प्ले मीडिया से कहा कि
हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (रहमतुल्लाह अलैह) का आस्तान-ए-आलिया सदियों से हर धर्म और वर्ग के लोगों के लिए आस्था और रूहानी सुकून का केंद्र रहा है। दरगाह शरीफ के गद्दी नशीन सैयद एहतेशाम अहमद चिश्ती द्वारा प्रतिनिधिमंडल को ज़ियारत कराने के उपरांत दस्तारबंदी और तबर्रुक भेंट करना सूफी परंपरा के आतिथ्य, सम्मान और दुआओं का प्रतीक है।
ख़्वाजा गरिब नवाज़ का संदेश हमेशा "मोहब्बत सबसे, नफरत किसी से नहीं" रहा है। ऐसे आयोजन समाज में एकता को मजबूत करते हैं.. सूफी संस्कृति में किसी मेहमान या प्रतिनिधि को दस्तार (पगड़ी) पहनाना और तबर्रुक (प्रसाद/आशीर्वाद) देना सर्वोच्च सम्मान और दुआओं की निशानी माना जाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और सूफी संत परंपराओं का ऐतिहासिक और गहरा संबंध रहा है, जो इस प्रकार की अकीदत से और भी सुदृढ़ होता है।
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