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July 13, 2026
ढाका के पिता को मिली 20 करोड़ की बजरी लीज पर उठाए सवाल, SIT से जांच कराने और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग
जयपुर। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका, उसके कथित आर्थिक नेटवर्क और उसके पिता को मिली करीब 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन लीज की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
डॉ. मीणा ने पत्र में कहा कि सुरेश ढाका वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी है और 28 दिसंबर 2022 को जयपुर से फरार होने के बाद अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। उन्होंने दावा किया कि ढाका के खिलाफ 10 से अधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में उसके आर्थिक नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, सहयोगियों और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों की जांच स्वतंत्र एजेंसी या SIT के माध्यम से कराई जानी चाहिए।
बजरी लीज पर उठाए सवाल
पत्र में सुरेश ढाका के पिता को आवंटित बजरी खनन लीज को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पूछा कि 10 से अधिक मामलों में वांछित व्यक्ति के परिवार को करीब 20 करोड़ रुपए की इतनी बड़ी लीज कैसे आवंटित हुई। उन्होंने मांग की कि इस लीज में निवेश की गई राशि के स्रोत, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच होनी चाहिए।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने यह भी कहा कि यदि सुरेश ढाका की गिरफ्तारी होती है, तो भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई बड़े और प्रभावशाली चेहरे सामने आ सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को केवल एक आरोपी तक सीमित न रखकर पूरे नेटवर्क के स्तर पर देखा जाए।
स्पर्धा चौधरी की भूमिका की जांच की मांग
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पत्र में स्पर्धा चौधरी की भूमिका, संपत्तियों और कथित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसे मामलों में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि आरोपियों के आर्थिक स्रोत, संपत्ति निर्माण और सहयोगी नेटवर्क की गहराई से जांच जरूरी है।
युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला बताया
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार को पेपर लीक मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि संबंधित एजेंसियों को निष्पक्ष, समयबद्ध और सख्त जांच के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक पेपर लीक माफिया के आर्थिक आधार को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना कठिन होगा।
SIT जांच की मांग
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पूरे प्रकरण की SIT या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुरेश ढाका के वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों, सहयोगियों, खनन लीज से जुड़े निवेश और भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार की परतें खोलना जरूरी है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणाने पत्र में कहा कि राज्य के युवाओं का भरोसा तभी मजबूत होगा, जब पेपर लीक मामलों में शामिल हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने की मांग की है।
यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर पेपर लीक मामलों में युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता का प्रश्न जुड़ा है, वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार को मिली कथित खनन लीज ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है।
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