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July 10, 2026
जयपुर। राजस्थान में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रस्तावित कानून के मसौदे को व्यावहारिक, सर्वसमावेशी और जन-भावनाओं के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में दो दिवसीय जयपुर संभाग स्तरीय जनसुनवाई शुरू हुई।
जनसुनवाई में आमजन, विभिन्न धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से गठित सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता वाली समिति इन सुझावों का अध्ययन कर समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
जनसुनवाई के दौरान अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरुओं और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला देते हुए धार्मिक रीति-रिवाजों और मान्यताओं से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की। वहीं, हिंदू समाज के धर्मगुरुओं ने सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने का समर्थन किया।
लिव-इन रिलेशनशिप पर कड़े प्रावधानों की मांग
बैठक के दौरान लगभग सभी धर्मगुरुओं ने लिव-इन संबंधों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि ऐसे संबंध सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने मांग की कि लिव-इन संबंधों में विवाद की स्थिति में महिलाओं और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए स्पष्ट और मजबूत कानूनी प्रावधान किए जाएं।
धर्मगुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने लिव-इन संबंधों का अनिवार्य पंजीकरण करने, संबंधित पक्षों के अधिकार और दायित्व तय करने तथा महिला और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे सुझाव भी समिति के सामने रखे।
ऑनलाइन भी भेजे जा सकेंगे सुझाव
समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि दो दिवसीय जनसुनवाई के माध्यम से विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही आमजन ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव भेज सकते हैं। समिति प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
राज्य सरकार इस रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। इस जनसुनवाई को राजस्थान में UCC को लेकर जनमत, सामाजिक दृष्टिकोण और कानूनी व्यवहार्यता समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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