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July 10, 2026
जेएलएन अस्पताल में जटिल सर्जरी से बची मरीज की जान, डॉक्टरों ने किया विश्व का पहला त्रिस्तरीय ऑपरेशन
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) चिकित्सालय के सीटीवीएस विभाग ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 53 वर्षीय मरीज की जान बचाई है। पीसांगन के लामाना निवासी शंकर 17 जून 2026 को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी मोटरसाइकिल ट्रक से टकरा गई थी और वे करीब तीन किलोमीटर तक घिसटते चले गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।जांच में सामने आया कि मरीज के दाएं फेफड़े में रक्त और हवा भर गई थी तथा 7 से 10 नंबर की पसलियां टूटने से उन्हें ‘फ्लेल चेस्ट’ की गंभीर समस्या हो गई थी। स्थिति बिगड़ने पर सीटीवीएस विभाग के डॉ. तेजकरण सैनी ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।24 जून को ऑपरेशन के दौरान पाया गया कि डायफ्राम में चोट लगने से लीवर, ओमेंटम और आंतें छाती में जाकर फेफड़े से चिपक गई थीं। डॉक्टरों ने इन्हें वापस पेट में स्थापित कर डायफ्राम हर्निया रिपेयर, राइट लंग लोअर लोब की एडहिसियोलिसिस और फ्लेल चेस्ट के लिए रिब फिक्सेशन जैसी तीन जटिल सर्जरी एक साथ कीं। ऑपरेशन के दौरान मरीज को कुल सात यूनिट रक्त चढ़ाया गया।मरीज को चार दिन तक आईसीयू में रखा गया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। इस जटिल सर्जरी को विश्व का पहला ऐसा मामला बताया जा रहा है, जिसमें तीन बड़ी सर्जरियां एक साथ की गईं। इस सफल ऑपरेशन में डॉ. तेजकरण सैनी, डॉ. कमल किशोर, डॉ. प्रेमचंद मीणा, एनेस्थीसिया और ओटी टीम सहित आईसीयू स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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