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July 3, 2026
पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा, बाड़मेर से 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 से ज्यादा शहरों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों और उसके संपर्क में आए संदिग्धों की तलाश में की गई। छापेमारी के दौरान 28 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाड़मेर से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
एटीएस के अनुसार, शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने संपर्क में लाता है। आरोप है कि वह ऑनलाइन गेम, पैसों और गैंगस्टर ग्लैमर का लालच देकर युवाओं से दोस्ती करता है। इसके बाद उनसे संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और अन्य जानकारी मंगवाने का प्रयास करता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसके संपर्क में आने वाले अधिकांश युवा भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जिलों से जुड़े पाए गए हैं।
जयपुर में भी एटीएस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, जयपुर से भी कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, ऑनलाइन गतिविधियों और संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है।
बाड़मेर जिले के गागरिया गांव से एटीएस ने बशीर उम्र 20 वर्ष, पुत्र आमद खान को हिरासत में लिया था। रामसर थाने में पूछताछ के बाद एटीएस की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दावा है कि बशीर शहजाद भट्टी के लगातार संपर्क में था। पुलिस और एटीएस अब उसके मोबाइल, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, एटीएस लंबे समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शहजाद भट्टी को फॉलो करने वाले और उससे संपर्क में रहने वाले लोगों पर नजर रख रही थी। शुक्रवार की छापेमारी में ऐसे ही संदिग्धों को हिरासत में लेने की जानकारी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि भट्टी का नेटवर्क राजस्थान के साथ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैला हो सकता है।
राजस्थान में भट्टी के स्लीपर सेल सक्रिय होने की आशंका भी जताई जा रही है। बीते करीब छह महीने से सुरक्षा एजेंसियां जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, बीकानेर सहित सीमावर्ती जिलों में उसके नेटवर्क को खंगाल रही हैं। आशंका है कि राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में उसके संपर्क सक्रिय हैं और हवाला के जरिए उन्हें पैसा पहुंचाया जा रहा है। इस धन का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों में किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।
श्रीगंगानगर में करीब दो महीने पहले पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया था। कार्रवाई के बाद श्रीगंगानगर एसपी हरीशंकर ने बताया था कि शहजाद भट्टी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन, विदेशी पिस्टल और आरडीएक्स भारत भेज रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह ऐसे युवाओं को निशाना बनाता है, जो शॉर्टकट से पैसा कमाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर संपर्क बनाकर वह उन्हें धीरे-धीरे अपने गिरोह से जोड़ने का प्रयास करता है।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी राजस्थान में आतंकी वारदातों की साजिश रच रहा था। मार्च 2026 में हरियाणा के अंबाला से सुरक्षा एजेंसियों ने तीन आतंकियों को पकड़ा था। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि भट्टी राजस्थान में धमाकों की तैयारी कर रहा था। इसके लिए हनुमानगढ़ में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस पहुंचाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। आरडीएक्स पहुंचने में देरी होने के कारण यह साजिश नाकाम हो गई।
पिछले कुछ महीनों में भट्टी से जुड़े या उसके संपर्क में पाए गए कई संदिग्धों पर कार्रवाई हो चुकी है। 25 मार्च को हनुमानगढ़ के गांव किशनपुरा दिखनादा निवासी जसवंत कुमार उर्फ सोनू को पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क और हथियारों की फोटो साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 26 मार्च को श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान थाना क्षेत्र के केरा चक निवासी आकाशदीप को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर शहजाद भट्टी के संपर्क में था और गांव में लोगों को धमकियां दे रहा था।
6 अप्रैल को हनुमानगढ़ जंक्शन की सुरेशिया कॉलोनी निवासी सुनील उर्फ धोलू को पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। उसके मोबाइल में पाकिस्तानी गैंगस्टर का वॉट्सऐप नंबर और संदेश मिले थे। पुलिस के अनुसार, सुनील पर पहले से 10 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा 13 और 14 मई को श्रीगंगानगर जिले के अलग-अलग स्थानों से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क की डिजिटल, वित्तीय और जमीनी कड़ियों को खंगाल रही है। विशेष रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि किन युवाओं को लालच देकर जोड़ा गया, किसे हवाला के जरिए पैसा मिला, किनसे संवेदनशील स्थानों की जानकारी मांगी गई और क्या किसी ने ऐसी जानकारी आगे भेजी भी है। सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और विस्फोटक सामग्री भेजे जाने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
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