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July 1, 2026
पुष्कर में श्रीमद्भागवत कथा का भक्ति रस महोत्सव शुरू, वाराह घाट से निकली कलश यात्रा, पुष्कर में श्रीमद्भागवत कथा का भक्ति रस महोत्सव शुरू, वाराह घाट से निकली कलश यात्रा
तीर्थराज पुष्कर में मंगलवार से श्रीमद्भागवत कथा भक्ति रस महोत्सव का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन, पुष्कर में आयोजित सात दिवसीय कथा के पहले दिन वाराह घाट से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। शोभायात्रा में ठाकुरजी की झांकी, बटुक विद्यार्थी और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यह आयोजन श्री तोतला परिवार की ओर से 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथावाचक और गौ प्रेमी परम पूज्य गोवत्स श्री राधाकृष्णजी महाराज अपनी वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराएंगे। कथा व्यास राधाकृष्णजी महाराज ने कहा कि पुष्करराज धाम तीर्थों का गुरु है। गुरु का कार्य अंधकार को दूर कर जीवन में प्रकाश फैलाना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का ज्ञान भक्तों के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर भक्ति, ज्ञान और प्रेम का प्रकाश फैलाए, यही भावना है। गौ माता को लेकर उन्होंने कहा कि गौ माता विश्व जननी हैं और सनातन संस्कृति में उनका सर्वोच्च स्थान है। गौ माता की सेवा और संरक्षण समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। आयोजन समिति से जुड़े राधेश्याम झामण ने बताया कि पहले दिन सुबह 8:15 बजे शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद दोपहर से कथा प्रारंभ होगी। शाम 7 बजे पुष्कर सरोवर घाट पर विशेष आरती, दीपोत्सव और भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। कथा के दौरान सात दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, सुंदरकांड, भजन संध्या और उत्सव आयोजित किए जाएंगे। तीर्थ पुरोहितों रविकांत शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति, संस्कार, वाणी की मर्यादा, आचार-विचार और गौ सेवा के संदेश को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं। कथा के शुभारंभ के साथ ही पुष्कर का माहौल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया।
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