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July 1, 2026
धार्मिक पर्यटन में नई ऊंचाई छूता पुष्कर, रोपवे बना आकर्षण
पुष्कर में धार्मिक पर्यटन को रफ्तार, सावित्री माता रोपवे से हर महीने हजारों श्रद्धालु कर रहे सुगम दर्शन, राजस्थान के पर्यटन आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीद, स्थानीय कारोबार को मिला लाभ
तीर्थराज पुष्कर में धार्मिक पर्यटन अब नई ऊंचाई छूता नजर आ रहा है। ब्रह्मा मंदिर, पवित्र पुष्कर सरोवर, 52 घाटों और सैकड़ों मंदिरों की आध्यात्मिक पहचान के बीच सावित्री माता रोपवे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन गया है। रोपवे की लोकप्रियता का असर यह है कि हर महीने हजारों श्रद्धालु सावित्री माता के दर्शन सुगम, सुरक्षित और रोमांचक रूप में कर रहे हैं। पर्यटन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पुष्कर में सालाना करीब एक करोड़ देसी-विदेशी पर्यटकों की आवक दर्ज की गई है। वहीं राजस्थान ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में पर्यटन के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच राज्य में कुल 6 करोड़ 19 लाख 86 हजार 185 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें 6 करोड़ 12 लाख 87 हजार 727 घरेलू और 6 लाख 98 हजार 458 विदेशी पर्यटक शामिल रहे।
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ के अनुसार पुष्कर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, सरोवर, घाट और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव लेने भी आता है। सावित्री माता रोपवे ने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंच को आसान बनाया है।दामोदर रोपवे के जनसंपर्क अधिकारी अभिमन्यु त्रिपाठी के अनुसार रोपवे के माध्यम से श्रद्धालु कुछ ही मिनटों में सावित्री माता मंदिर तक पहुंच जाते हैं। सफर के दौरान पुष्कर सरोवर, अरावली पर्वत श्रृंखला और पूरे शहर का सुंदर दृश्य दिखाई देता है, जिससे यह यात्रा आस्था के साथ रोमांचक अनुभव भी बन जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी प्रबंधन द्वारा की गई है । वही वृक्षारोपण जैसे अभियान समाचार पर चलाए जाते हैं ।
हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, छाया, साफ-सफाई और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा जरूरी है। स्थानीय व्यापारी विनोद ओझा का मानना है कि रोपवे से पर्यटकों का ठहराव और बाजार की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। कुल मिलाकर पुष्कर में रोपवे धार्मिक पर्यटन को सुविधा, अनुभव और स्थानीय रोजगार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। वही पर्यटन विभाग के पहली तिमाही के आंकड़ों में पुष्कर लेक पर 18.8 लाख विजिटर दर्ज हुए, वहीं मकर संक्रांति, होली, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या जैसे पर्वों पर लगातार उमड़ती भीड़ बताती है कि पुष्कर में धार्मिक पर्यटन अब सीजनल नहीं, बल्कि सालभर चलने वाला ट्रेंड बन चुका है।
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