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July 1, 2026
एक बूढ़ी मां के साथ अपने ही बेटों और बहुओं द्वारा की गई वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, अचल संपत्ति के अवैध हस्तांतरण/रजिस्ट्री को निरस्त करने, आवश्यक दस्तावेज जब्त करने, वृद्धाश्रम भेजने एवं उत्पीड़न के विरुद्ध कार्यवाही की मांग
कृष्णगंज थाना अंतर्गत रहने वाली 70 वर्षीय वृद्धा मीरा देवी जो अनपढ़ है उनके साथ उनके वृद्ध पिता जो कैंसर की बीमारी से ग्रसित हैं का फायदा उठाते हुए उनके ही कलयुगी दो बेटे और बहू ने जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए उनके तीन मकान, प्लॉट और पिता के रिटायरमेंट पर मिले लाखों रुपए हड़प कर लिए और मां को वृद्ध आश्रम भेज दिया। इस कलयुग में इस तरह की कहानी रोज सामने आने लगी है।
बुधवार को अपनी बेटी के साथ जिला कलेक्टर के पास फरियाद लगाने पहुंची वृद्ध मीरा देवी ने बताया किबेटों द्वारा पति की बीमारी का फायदा उठाकर करवाई गई मकान व प्लॉट की अवैध रजिस्ट्री को निरस्त करवाने हेतु आपके समक्ष मुख्य शिकायती पत्र पेश किया था। आपके निर्देश पर मामला श्रीमान एसडीएम न्यायालय भेजा गया, जहाँ प्रार्थिया सर्वप्रथम दिनांक 09/06/2024 को उपस्थित हुई थी। इसके बाद आगामी सुनवाई हेतु 25 तारीख नियत थी, परंतु विपक्षीगणों को नोटिस तामील न हो पाने के कारण उस दिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी और अदालत द्वारा आगामी 08 तारीख नियत कर दी गई। इसी बीच दिनांक 30 तारीख (कल) प्रार्थिया पुनः एसडीएम कार्यालय उपस्थित हुई और यह निवेदन किया कि आरोपी इस विवादित्त मकान और प्लॉट को बेचने की पूरी तैयारी कर रहे हैं, अतः इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। इस पर आदरणीय एसडीएम मैडम ने कहा कि 'यह सिविल कोर्ट का विषय है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते।" महोदय, 69 वर्ष की इस असहाय अवस्था में प्रार्थिया के लिए वर्षों तक सिविल कोर्ट के चक्कर काटना संभव नहीं है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम, 2007 की धारा 23 के तहत प्रशासन को बुजुर्गों के साथ हुई धोखाधड़ी की रजिस्ट्री को स्वतः निरस्त (शून्य) करने और संपत्ति को सुरक्षित करने का विशेष अधिकार प्राप्त है। अतः श्रीमान से करबद्ध प्रार्थना है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उक्त विवादित रजिस्ट्री को निरस्त करने, संपत्ति के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने, हमारे आवश्यक दस्तावेज वापस दिलवाने तथा पूर्व आवेदन के अनुसार प्रार्थिया को संपूर्ण सुरक्षा व न्याय प्रदान करवाने की कृपा करें।
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