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June 28, 2026
जयपुर। राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में एचपीसीएल द्वारा 304 नए पेट्रोल पंप खोले जाएंगे। इसके लिए राज्यभर में स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में एचपीसीएल और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड यानी एचआरआरएल के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में प्रगति की समीक्षा की।
राजस्थान रिफाइनरी को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। करीब 80 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से राज्य में नए निवेश, उद्योग और रोजगार संवर्धन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी कड़ी में एचपीसीएल प्रदेश में नए रिटेल आउटलेट्स स्थापित करेगा, जिन पर लगभग 400 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक इस संबंध में नई नीति तैयार की जाएगी। इस नीति के तहत राज्य सरकार सरकारी भूमि एचपीसीएल को लीज पर उपलब्ध कराएगी, ताकि नए पेट्रोल पंप स्थापित किए जा सकें। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंधन आपूर्ति नेटवर्क मजबूत होगा और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
सरकार और एचपीसीएल के बीच समन्वय के साथ नए रिटेल आउटलेट्स की स्थापना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि, नीति और आवश्यक अनुमतियों से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
बैठक में एचपीसीएल और एचआरआरएल ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि आरटीपीपी अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा ईंधन खरीद में उन्हें प्रेफरेंशियल सप्लायर का दर्जा दिया जाए। इसका उद्देश्य राजस्थान में स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार ने एचपीसीएल और एचआरआरएल के साथ मिलकर इन पहलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने कहा कि रिफाइनरी और उससे जुड़े निवेश से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
हाइब्रिड मोड पर हुई इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव यूडीएच आलोक गुप्ता, प्रमुख सचिव वित्त वैभव गलारिया, प्रमुख सचिव राजस्व टी. रविकांत और एचपीसीएल के विपणन निदेशक अमित गर्ग सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में नए पेट्रोल पंपों की स्थापना, सरकारी भूमि की उपलब्धता, नीति निर्माण, एचआरआरएल की क्षमता के उपयोग और रिफाइनरी से जुड़े आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम को राज्यव्यापी आयोजन बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। पचपदरा में भले ही बड़ी सभा नहीं होगी, लेकिन राज्य सरकार प्रदेश के हर जिले के लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला मुख्यालयों पर दिखाने की व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। सरकार का प्रयास है कि राज्य के लाखों लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की शुरुआत राजस्थान के लिए गर्व का क्षण है। अधिकारियों ने उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री को प्रेजेंटेशन भी दिया था।
राजस्थान रिफाइनरी के शुरू होने से प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग, परिवहन, रोजगार, निवेश और सहायक उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए पेट्रोल पंपों की स्थापना भी इसी व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विस्तार का हिस्सा मानी जा रही है।
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