Post Views 01
June 19, 2026
अचानक आई बाढ़ के दौरान वरुण सागर में फंसे ग्रामीणों को किया रेस्क्यू, जिला प्रशासन ने मानसून पूर्व बाढ़ और जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए की मॉक ड्रिल
मानसून के दौरान बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए अजमेर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को वरुण सागर झील पर मॉकड्रिल आयोजित कर विभागों की मुस्तैदी को जांचा।करीब डेढ़ घंटे चली इस मॉकड्रिल एक्सरसाइज में पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। मॉकड्रिल के लिए ऐसा माहौल तैयार किया गया कि भारी बारिश के बाद हाथी खेड़ा गांव में अचानक बाढ़ आ गई है। 15 से 20 ग्रामीण पानी के बीच फंस गए हैं। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें लाइफ बोट और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
मॉकड्रिल के दौरान रेस्क्यू बोट के झील में अचानक पलटने का दृश्य तैयार किया गया। बोट पलटते ही उसमें सवार लोग पानी में डूबने लगे। हालात को देखते हुए एनडीआरएफ के स्कूबा डाइवर्स ने तत्काल पानी में छलांग लगाई। एक-एक कर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर किनारे तक पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया की तैयारी का प्रदर्शन किया।
एडीएम प्रशासन डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि मानसून के मद्देनजर यह मॉकड्रिल आयोजित की गई, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। रेस्क्यू के सभी निर्धारित मानकों और गाइडलाइंस के अनुसार पूरी मॉकड्रिल सफलतापूर्वक हुई। इसमें आपदा प्रबंधन से जुड़े करीब 40 से 50 अधिकारी और जवान शामिल रहे। मॉकड्रिल के दौरान एडीएम प्रशासन डॉ. अभिषेक गोयल, एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ सहित एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त टीमों के क्विक रिस्पॉन्स और आपसी तालमेल को मॉनिटर किया।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved