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June 19, 2026
राजगढ़ भैरव धाम के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज का 61वाँ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया
भैरवधाम राजगढ के मुख्य उपासक चम्पालाल महाराज ने अपने जन्मदिवस की शुरूआत सर्वप्रथम बाबा भैरव, मां कालिका एवं समस्त देवताओं की विधिवत पूजा अर्चना कर अपने स्वर्गीय पिता मदनलाल सेन एवं धर्मपिता स्वर्गीय इन्द्रलाल जोशी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर माताश्री उगमीदेवी से आशीर्वाद प्राप्त कर करी। धाम के प्रवक्ता अविनाश सेन ने बताया कि जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में महाराज द्वारा रामदेव गोशाला तबीजी में गायों की पूजा अर्चना के पश्चात उनको चारा डाल कर धर्म लाभ लिया। रामदेव गोशाला कमेटी व ग्राम तबीजी के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों के सानिध्य में चम्पालाल महाराज का साफा, शॉल और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। वहीं दिन भर जन्मदिवस की बधाईयाँ देने के लिए सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, राजनेतागण व प्रशासनिक अधिकारी आदि भैरवधाम पर आते रहे। जन्मदिवस के शुभअवसर पर एस.के. ग्रुप के सलीमखान व कुलदीप मेघवंशी एवं भैरव भक्तों द्वारा नसीराबाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से एक विषाल वाहन रैली भवानीखेडा, माता मंगरी होते हुए सदर बाजार राजगढ से भैरवधाम पहुंची। रैली का तेजाजी महाराज के मंदिर पर भव्य स्वागत किया गया। चम्पालाल महाराज ने तेजाजी महाराज को विधि विधान से पूजा अर्चना करते हुए प्रसाद का भोग लगाया। धाम पर महाराज ने अपने पूरे परिवार के साथ केक काटा जिसके बाद देशभर से आए हुए श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य का स्वागत किया। चम्पालाल महाराज ने सभी भक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन की सार्थकता तभी है जब वह समाज के लिए उपयोगी कार्य करे। उन्होंने युवाओं से स्वच्छता, सेवा और संस्कार अपनाने का आह्वान किया। महाराज’ ने अपने आशीर्वचन में कहा कि“जीवन का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सेवा है। समाज की भलाई के लिए हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए। जब हम दूसरों के दुःख हरते हैं, तभी सच्चे अर्थों में भैरव साधना सार्थक होती है। महाराज ने बताया कि सेवा ही सच्चा धर्म है। जब हम किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तब ही हमारे जीवन का उद्देश्य पूर्ण होता है।“ उन्होंने सभी भक्तों से जीवन में मानव सेवा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इस संपूर्ण आयोजन में देशभर से आए भक्तों ने भाग लिया और चम्पालाल महाराज के जन्मदिवस को सेवा, समर्पण और परोपकार के रूप में मनाया। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भक्तों द्वारा विविध ’सामाजिक कार्यक्रमों’ का आयोजन किया गया, जिसमें निःशुल्क भंडारा, वस्त्र वितरण, वृक्षारोपण और नशामुक्ति संकल्प प्रमुख रहे। स्थानीय युवाओं ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया, वहीं महिलाओं द्वारा कन्या पूजन और सत्संग का आयोजन किया गया। महाराजश्री के प्रेरणादायी जीवन से प्रेरणा लेकर बड़ी संख्या में युवाओं ने ’नशा मुक्ति, ’’गौ सेवा’ और ’पर्यावरण संरक्षण’ के लिए स्वयंसेवा का संकल्प लिया। भैरव धाम के इस आध्यात्मिक और सामाजिक समर्पण से परिपूर्ण आयोजन ने भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की और जन-जन को सकारात्मक दिशा की ओर प्रेरित किया। इस अवसर पर भक्तों द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें सेवा, सद्भावना और जागरूकता की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
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