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June 18, 2026
राजस्थान का सबसे पुराना स्थानीय निकाय अजमेर नगर निगम जिसकी स्थापना 1866 में हुई थी।इसका मुख्य कार्य शहर में स्वच्छता, शहरी नियोजन, स्ट्रीट लाइट, जन्म मृत्यु,विवाह प्रमाण पत्र और संपत्ति कर प्रबंधन देखना है। यह हेरिटेज भवन पृथ्वीराज मार्ग वार्ड 52 के अंतर्गत चूड़ी बाजार के पास स्थित है जो अब एक इतिहास बनने जा रहा है क्योंकि यहां कार्यरत लगभग सभी विभाग पंचशील नगर स्थित नए नगर निगम भवन में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। उपायुक्त नीलू गुर्जर ने बताया कि इस पुराने भवन में मात्र जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र और विवाह प्रमाण पत्र का ही कार्य होगा बाकी अन्य सभी विभागों से संबंधित कार्य करने के लिए नगर वासियों को नए भवन ही जाना पड़ेगा। अजमेर नगर से इस नए नगर निगम भवन की दूरी लगभग 18 से 20 किलोमीटर दूर है ऐसे में लोगों को अब अपने किसी भी काम या समस्या के लिए समय के साथ आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ेगी ।
मानव अधिकार परिषद के शैलेश गुप्ता ने इस बात पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कांग्रेस इसको लेकर आंदोलन करने की मंशा में है जल्द ही शहर अध्यक्ष के साथ वार्ता कर इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी की रोजमर्रा की परेशानियों से जुड़े सभी कामों को कराने के लिए शहर के मध्य अजमेर नगर निगम की हेरिटेज बिल्डिंग में लोग आसानी से आ जाया करते थे लेकिन अब लोगों को अपनी समस्याओं को या काम कराने को लेकर शहर से दूर जाना पड़ेगा जहां यदि कोई बुजुर्ग जाता है तो उसे कम से कम ₹1000 खर्च करने होंगे साथ ही पूरे दिन का समय अलग। क्यों की अधिकारी हर समय सीट पर उपलब्ध नहीं होते ऐसे में समय और पैसा दोनों जाया होंगे।
खास बात यह है कि स्मार्ट सिटी अजमेर में नगर निगम की परिधि में ही अजमेर नगर निगम की बिल्डिंग नहीं रही अजमेर नगर निगम सीमा से बाहर नई बिल्डिंग बनाई गई है यह भी एक सोचने वाली बात है।
वही इस मुद्दे को लेकर पूर्व पार्षदों में भी आक्रोश व्याप्त हो गया।सभी पार्षद एकत्रित होकर एडीएम सिटी के समक्ष पहुंचे और ज्ञापन सौंप कर आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े विभागों को पुरानी बिल्डिंग में ही रखने की मांग की। पार्षदों का कहना है कि नया भवन काफी दूर होने से लोगों को काफी तरह की परेशानियां उठानी पड़ेगी।
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