Post Views 01
June 10, 2026
मातृ शक्ति की एकता से देश का विकास संभव - श्रीमती सरिता गेैना
जिला स्तर पर नारी चौपाल कार्यक्रम आयोजित
अजमेर, 10 जून। नारी चौपाल कार्यक्रम का आयेाजन बुधवार को सूचना केन्द्र सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्वेश्य सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना, विभागों द्वारा महिलाओं के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं तक महिलाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। कार्यकम में लगभग 321 महिलाओं ने सहभागिता की है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरिता गैना ने उपस्थित संभागीगणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिला कल्याण एवं उनके संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी एवं आत्मरक्षा, स्वरोजगारन्मुख भावना से विकसित कई प्रकार की योजनाऐं संचालित कर रखी है। महिलाओं को इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार परिवार तुल्य वातावरण बहन-बहन तथा माता-माता तक आधारित सोच के तहत एक-दूसरे को योजनाओं की जानकारी दी जानी चाहिए। इससे महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ देश के विकास के प्रति उनकी भागीदारी एवं दायित्व के विषय का बोध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि आज महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है। अब उनमें यह भी सोच विकसित होनी चहिए कि मातृ शक्ति की एकता से ही देश का विकास संभव है। कार्यक्रम के दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजना लाडो प्रोत्साहन योजना, राजीविका के तहत संचालित लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह योजना आधरित योजनाओं के विषय में अवगत करवाया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वन्दना खोरवाल ने कहा कि महिलाओं में स्वरोजगारन्मुख भावना का होना अवश्यक है। इससे वे आगे जाकर परिवार, समाज एवं देश के निर्माण में अपनी महत्ती भूमिका का निवर्हन कर सकेगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित राजीविका व समेकित बाल विकास सेवाऐं व अन्य मानदेय कर्मियों से सरकार की योजनाओं के लाभ के संबंध में संवाद स्थापित कर, उन्हें हो रहे लाभ की जानकारी प्राप्त की। इससे चौपाल का मुख्य उद्वेश्य सार्थक हो सका।
इससे पूर्व लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रथम किश्त के रूप में पांच लाभार्थियों को 2500-2500 रूपये का चैक वितरित किया गया। इनमें सुश्री कनक पुत्री श्रीमती मुस्कान, सुश्री चितराचंल पुत्री श्रीमती पूजा, सुश्री याश्किा पुत्री श्रीमती माया, सुश्री गंगा पुत्री श्रीमती रेणु तथा सुश्री अविका पुत्री श्रीमती शीतल को दिया गया।
महिला अधिकारिता विभाग की उप निदेशक श्रीमती मेघा रतन ने बताया कि यह कार्यक्रम जिला एवं ब्लॉक स्तर पर पर्यवेक्षक, महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इनमें राजीविका की लखपति दीदी, ड्रान दीदी, कृषि दीदी, सोलर सखी, बैंक सखी, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता, साथिन, सहायिका, आशा इत्यादित की भागीदारी की है। उन्होंने विभागीय महिला संरक्षण के क्षेत्र में स्थापित किए गए अधिनियम एवं नियम और महिला संरक्षण के क्षेत्र में संचालित वन स्टॉप सेण्टर सखी केन्द्र व महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र व पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र पर संचालित गतिविधियों व पीडित महिला को ये केन्द्र किस प्रकार राहत पहुंचाकर उनसे फॉलोअप प्राप्त करते के संबंध में उपस्थित महिलाओं को जानकारी देते हुये कहा कि आप सभी इन केन्द्रों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार शहरी एवं ग्रामीण परिवेश में करें। इससे पीडित महिलाओं को अविलम्ब राहत पहुंचाने के उद्वेश्य से गठित इन केन्द्रों की सार्थकता प्रतिपादित हो सके। साथ ही उन्होने विभागीय योजनाऐं जिनके माध्यम से महिलाऐ सशक्त हो सकती है। उनकी जानकारी भी दी। इनमें मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना व लाडो प्रोत्साहन योजना विशिष्ट रूप से है। उन्होंने महिलाओं का कहा कि आने वाले माह में शिक्षा सेतु योजना से अधिक-अधिक बालिकाओं को जोडना सुनिश्चित करें इस हेतु इस येाजना का प्रचार-प्रसार करवाये जाने में सहयोग प्रदान करें।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, राजीविका, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा जलदाय विभाग के अधिकारियों ने भी उनके यहां संचालित योजनाओं के संबंध में उपस्थित महिलाओं को जानकारी उपलब्ध करवाई गई।
कार्यक्रम में राजीविका की लखपति दीदी, ड्रान दीदी, कृषि दीदी, सोलर सखी, बैंक सखी, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता, साथिन, सहायिका, आशा इत्यादित की भागीदारी की जाएगी। कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबन्धक राजीविका श्री मुकेश जैमन, जलदाय विभाग की अधिशाषी अभियन्ता श्रीमती कैलाश मील, कृषि विभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती उषा चितारा एवं सहायक निदेशक श्रीमती अनुप्रिया यादव, चन्द्रवरदाई सीएचसी डॉ. कल्पना दीक्षित, शिक्षा विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती राजश्री शर्मा तथा अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ममता सागर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित हुए। कार्यक्रम के दौरान विभागीय योजनाओं के तहत प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का संचालन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भगवानपुरा की प्रधानाचार्य श्रीमती वर्तिका शर्मा ने किया।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved