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June 10, 2026
पुष्कर सरोवर के फीडरों का निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के अधिकारी, 10 दिन में सफाई पूरी करने का दावा
मानसून से पहले पवित्र पुष्कर सरोवर में स्वच्छ जल आवक सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता रामधन चौधरी शाम को मौके पर पहुंचे और सरोवर तक पानी पहुंचाने वाले फीडरों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता रामधन चौधरी ने बताया कि सावित्री फीडर का अधिकांश हिस्सा साफ कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर मिट्टी और गाद एकत्रित है, जिसे हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने दावा किया कि पुष्कर सरोवर के इनलेट तक सावित्री फीडर की पूरी सफाई अगले दो दिन में कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि सिल्ट डैम की सफाई का कार्य भी शुरू किया जा रहा है और करीब 10 दिन के भीतर सावित्री फीडर, खड़केड़ी फीडर, पुष्कर फीडर और इनलेट क्षेत्र की सिल्ट क्लियरेंस पूरी कर दी जाएगी। खड़केड़ी फीडर की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि पुष्कर फीडर पर काम शुरू किया जा रहा है। खड़केड़ी फीडर पर नहर की मरम्मत का कार्य भी जारी है। विभाग का प्रयास है कि बारिश से पहले अधिकतम कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि मानसून के दौरान सरोवर में स्वच्छ पानी की आवक सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि मानसून से पहले पुष्कर सरोवर तक पानी पहुंचाने वाले फीडरों की मरम्मत, गाद हटाने और सफाई के लिए करीब 10 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से कार्य जारी बताया जा रहा है। प्रशासन और विभाग की ओर से सावित्री फीडर में सफाई अभियान शुरू किया गया है, जिसमें नगर परिषद द्वारा मजदूर लगाकर सफाई करवाई जा रही है।
हालांकि जमीनी स्थिति में कई स्थानों पर फीडरों की हालत चिंताजनक नजर आई। पुष्कर घाटी से लेकर लीला सेवड़ी और कपिल कुंड आश्रम क्षेत्र तक कई जगह फीडरों में मिट्टी, प्लास्टिक ग्लास, वेफर्स के खाली पैकेट, कमर्शियल आइस पैक और अन्य कचरा पड़ा दिखाई दिया। कई जगह गंदा पानी जमा होने से आसपास दुर्गंध और अस्वच्छता की स्थिति भी बनी हुई है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि फीडरों के आसपास संचालित कुछ दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा नहरनुमा जल मार्ग को कचरा निस्तारण और गंदे पानी की निकासी का जरिया बनाया जा रहा है। यह स्थिति इसलिए गंभीर है क्योंकि यही फीडर मानसून के दौरान बारिश का पानी आगे ले जाकर पुष्कर सरोवर तक पहुंचाते हैं।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर ने विभाग की सक्रियता का स्वागत करते हुए कहा कि पुष्कर सरोवर के पक्के फीडरों में वर्षों से जमी मिट्टी और गाद को हटाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत बजट से तीनों प्रमुख फीडरों में जमा मिट्टी को युद्ध स्तर पर बाहर निकाला जा रहा है। साथ ही मरम्मत कार्य भी तेजी से चल रहा है।
अरुण पाराशर ने कहा कि उनकी पूरी निगरानी इस बात पर है कि मानसून से पहले फीडरों में जमा मिट्टी और गंदगी पूरी तरह बाहर निकाली जाए, ताकि बरसात का पानी साफ रूप में पुष्कर सरोवर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सिल्ट डैम में बीते तीन-चार वर्षों से जमा मिट्टी को भी बाहर निकालने का कार्य शुरू किया जा रहा है। प्रयास यही है कि सरोवर में किसी भी प्रकार की गंदगी, मिट्टी या कचरा बहकर न पहुंचे और सरोवर संरक्षण के लिए मिले बजट का सही और गुणवत्तापूर्ण उपयोग हो।
अब विभागीय दावों के बाद निगाह इस बात पर रहेगी कि मानसून से पहले फीडरों की सफाई और मरम्मत का कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा होता है। पुष्कर सरोवर धार्मिक आस्था, पर्यटन और स्थानीय जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में सभी फीडरों की समयबद्ध सफाई ही सरोवर संरक्षण की दिशा में वास्तविक परिणाम दे सकेगी।
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