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June 1, 2026
भैराणा रीको आंदोलन पर गरमाई राजनीति, 25 गांवों के ग्रामीण बोले- रीको वापस लाओ
दूदू/भैराणा धाम| रिपोर्ट: डब्लू गोस्वामी
भैराणा धाम और रीको क्षेत्र को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। क्षेत्र में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थकों ने साफ कहा कि भैराणा धाम या रीको क्षेत्र में डॉ. बैरवा की कोई जमीन नहीं है और उन्होंने कभी किसी साधु-संत के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया।
सोमवार को भैराणा धाम में बिचुन सरपंच गोगाराम गुर्जर के नेतृत्व में एक बड़ी बैठक आयोजित हुई, जिसमें 25 गांवों के ग्रामीण और उनके परिवार शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों ने रीको क्षेत्र को वापस लाने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
सरपंच गोगाराम गुर्जर ने कहा कि भैराणा धाम की 140 बीघा जमीन संतों की है और उसे किसी भी हालत में नहीं छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि संतों का हमेशा सम्मान किया गया है और आगे भी उनकी जमीन में कोई दखल नहीं दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि वे सरकार के साथ हैं, लेकिन क्षेत्र के विकास और युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए रीको वापस लाना जरूरी है। उनका कहना है कि रीको क्षेत्र शुरू होने से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो 25 गांवों के लोग जयपुर जाकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा— “बेरोजगारों को रोजगार मिले, रीको हमारा साथ रहे।”
बैठक के दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे एसडीएम बीरबल सिंह और मोखमपुरा थाना अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन एसडीएम बीरबल सिंह को सौंपे गए।
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