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May 31, 2026
विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह का हुआ भव्य आयोजन,520 विलक्षण प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
बड़े सपने देखो, सकारात्मक सोच और संस्कार सफलता की कुंजी हैं - श्री अर्जुनराम मेघवाल
प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं, शिक्षा और संस्कार से बनता है उज्ज्वल भविष्य - श्री भागीरथ चौधरी
तुम वही बनते हो, जो तुम सोचते हो; स्वयं को शक्तिशाली मानो- अनिता भदेल
अजमेर शहर। 31 मई, 2026। अजमेर दक्षिण विधायक एवं पहल जन सेवा संस्थान की संरक्षक अनिता भदेल तथा पहल जन सेवा संस्थान के पदाधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से रविवार को अजमेर शहर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12 वीं कक्षा में 90 प्रतिशत या इससे अधिक अंक अर्जित करने वाले 520 विलक्षण प्रतिभाओं का सम्मान समारोह जवाहर रंगमंच, शास्त्री नगर रोड़ में आयोजित किया गया।
समारोह की शुरूआत स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। राष्ट्रगीत वंदेमातरम का गायन कुमारी नवनीत पंजाबी द्वारा किया गया है एवं नृत्य कुमारी एंजलिना द्वारा महाभारत गीत पर किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्रीमान अर्जुनराम मेघवाल केन्द्रीय विधि एवं कानून मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत शहर जिला महामंत्री भाजपा राजेश घाटे द्वारा गुलदस्ता, अध्यक्ष पहल जन सेवा संस्थान नितेश आत्रे द्वारा साफा एवं विधायक एवं संरक्षक अनिता भदेल द्वारा स्मृति चिन्ह देकर किया गया। इसी प्रकार समारोह के अध्यक्ष श्री भागीरथ चौधरी, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री का स्वागत शहर जिला उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह जादौन द्वारा गुलदस्ता,आर्य व आदर्श मण्डल अध्यक्ष भवानी जेदिया व हितेश ढाबरिया द्वारा साफा एवं पूर्व मण्डल अध्यक्ष आर्य मण्डल मोहन लालवानी द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सोनी, पूर्व सभापति सुरेन्द्र सिंह शेखावत, ब्रहमा कुमारी की शांता दीदी, जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना शर्मा, गोविन्द नारायण आदि अतिथि के रुप में उपस्थित रहे।
सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार- अर्जुनराम मेघवाल
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल ने पहल जन सेवा संस्थान एवं विधायक श्रीमती अनिता भदेल की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सम्मानित करना समाज में उत्कृष्टता की संस्कृति को विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी डॉ. कलाम ने अपनी लगन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बड़े सपने देखना आवश्यक है, लेकिन उन सपनों को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम और अनुशासन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने डॉ. कलाम के प्रसिद्ध विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे होते हैं जो हमें सोने नहीं देते।
श्री मेघवाल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। सकारात्मक विचार व्यक्ति को श्रेष्ठता की ओर ले जाते हैं, जबकि नकारात्मक सोच हीनता और निराशा को जन्म देती है। विद्यार्थियों को परिस्थितियों की तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों की संगत और श्रेष्ठ विचारों का वातावरण व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने अपने विचारों से विश्व को भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित कराया। पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
श्री मेघवाल ने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने अल्प आयु में वर्ष 1893 में शिकागो धर्म संसद में अपने ओजस्वी विचारों से पूरे विश्व को भारतीय संस्कृति का परिचय कराया।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद से जुड़ा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब उनकी वेशभूषा पर प्रश्न किया गया तो उन्होंने उत्तर दिया था कि आपके देश में व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से होती है, जबकि हमारे देश में व्यक्ति का चरित्र ही उसकी वास्तविक पहचान है।
उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है।
उन्होंने ‘एक रात चाँद के साथ’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष में आने वाली पूर्णिमा के अवसर पर लोग कृत्रिम रोशनी का उपयोग कम कर चंद्रमा की शीतल चांदनी में समय व्यतीत करें। चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर का सेवन करने से व्यक्ति का अवसाद व तनाव कम होता है और शीतलता प्राप्त होती है। चंद्रमा की शीतल किरणें मन को शांति प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि तनाव एवं अवसाद से ग्रस्त बच्चों के लिए भी प्रकृति के सान्निध्य में समय बिताना लाभदायक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता के साथ सूर्य और चंद्रमा भी प्रत्यक्ष देवस्वरूप हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक “एक सफर हमसफर के साथ” का उल्लेख करते हुए जीवन में जीवनसाथी के महत्व पर प्रकाश डाला तथा अपनी सफलताओं का श्रेय अपनी धर्मपत्नी को दिया।
श्री मेघवाल ने स्वामी विवेकानंद एवं मैना बाई के प्रसंग का उल्लेख करते हुए भक्ति और समरसता का संदेश दिया तथा भावपूर्ण स्वर में “प्रभु मेरे अवगुण चित न धरो” भजन की पंक्तियाँ प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को विनम्रता, आत्मचिंतन और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
शिक्षा के साथ संस्कार और मितव्ययता भी आवश्यक -भागीरथ चौधरी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धि का सम्मान नहीं, बल्कि समाज के अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा देने का माध्यम भी है। ऐसे आयोजन प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक भावना विकसित करते हैं तथा उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक हैं। अच्छे मित्रों और सकारात्मक संगति का चयन जीवन की दिशा तय करता है। सम्पन्न परिवारों के बच्चे भी गलत संगति के कारण अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं, इसलिए विद्यार्थियों को सदैव अच्छे संस्कारों और श्रेष्ठ मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मोबाइल का संयमित उपयोग और स्वदेशी अपनाने का संदेश-चौधरी
श्री चौधरी ने युवाओं से मोबाइल एवं डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग आवश्यकता और ज्ञानवर्धन के लिए होना चाहिए, न कि समय की अनावश्यक बर्बादी के लिए। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में वोकल फॉर लोकल एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता दोनों सुदृढ़ होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। देश के अनेक महान व्यक्तित्व सीमित संसाधनों वाले परिवारों से निकलकर विश्व पटल पर स्थापित हुए हैं। आवश्यकता केवल प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित दिशा देने की है। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा से संस्कार, अनुशासन से सफलता और ज्ञान से राष्ट्र निर्माण- अनिता भदेल
विधायक भदेल द्वारा समारोह में प्रधारे मुख्य अतिथि एवं अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों को समारोह का संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि करीब पांच वर्ष पूर्व मेरे मानस में एक विचार यकायक प्रस्फुटित हुआ कि क्यो ना उन बालक, बालिकाओं को प्रोत्साहित किया जाए, जिनके बोर्ड परीक्षा परिणाम सीबीएसई अथवा आरबीएसई में श्रेष्ठ हो, उनमे विलक्षण प्रतिभा हो, उनका कोई एक आधार एवं मापदण्ड हो। यह विचार किया कि 90 प्रतिशत एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले बालक, बालिकाओं को एक मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को नमन किया जाए तथा समाज के सामने भी उन्हे एक आदर्श के रुप में प्रस्तुत किया जाए कि ‘‘समाज में प्रतिभाशाली बालक, बालिकाओं की कोई कमी नही है‘‘ केवल उन्हे तराशने की जरुरत है।‘‘ इस उद्देश्य से संस्था को अपने विचारों से अवगत कराया और सभी ने सर्व सम्मति से इस समारोह में विलक्षण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने हेतु समारोह आयोजित करने की सहमति प्रकट की।
उन्होंने कहा कि पहल जन सेवा संस्थान एक गैर राजनैतिक संगठन है। इस संस्था द्वारा सामाजिक हित केकार्य जैसे ब्लड डोनेशन करना, महिला सशक्तिकरण के कार्य, पक्षियों के दाने व पीने के पानी की व्यवस्था करना, पर्यावरण हेतु पेड़-पौधे लगाना आदि कार्य समय-समय पर किए जाते रहते हैं। पहल जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों के सहयोग से अजमेर शहर के कक्षा 12 वीं में 90 प्रतिशत एवं इससे अधिक अंको से उत्तीर्ण विद्यार्थियो का विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय किया गया। इस प्रकार विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह की नीवं वर्ष 2022 में रखी गई। तब से यह समारोह अनवरत सफलता की उचाइयों को छू रहा है।विगत वर्ष तक संस्था द्वारा कुल 2000से अधिक विद्यार्थियो को विलक्षण प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष इस समारोह में 520 विद्यार्थियों को सम्मानित करने जा रहे है।
विलक्षण प्रतिभाएं तलाशने हेतु लगभग 135 विद्यालयों से किया गया सम्पर्क-भदेल
विधायक भदेल ने अवगत करवाया कि इस वर्ष आयोजन को क्रियान्वित एवं सफल बनाने के लिए हमारी टीम ने लगभग एक माह से लगातार कार्य योजना बनाकर अजमेर शहर के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों, जिनकी संख्या लगभग 135 है, ई-मेल एवं टेलीफोन के माध्यम से सम्पर्क किया और निर्धारित प्रारुप में सूचनाएं प्राप्त की। सूचनाएं समेकित करने पर 67 विद्यालय ऐसे पाए गये, जिनके द्वारा 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त किए गए। उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को आज मेडल, प्रमाण-पत्र एवं विवेकानन्द जी का स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया जा रहा है।
किताबों से दोस्ती करो, सपनों को हकीकत में बदलो-भदेल
विधायक भदेल द्वारा विद्यार्थियों का शिक्षा के प्रति उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान युग विज्ञान, तकनीक और नए-नए अविष्कार का युग है। विद्यार्थी जीवन मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इसी अवधि में अर्जित ज्ञान, संस्कार और अनुशासन भविष्य की दिशा तय करते हैं। शिक्षा हमें सही और गलत का अंतर समझाती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है। विद्यालय केवल पुस्तकों का ज्ञान देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह वह पवित्र स्थल है जहाँ से चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की सीख मिलती है।
अजमेर शहर के सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का किया सम्मान-भदेल
अजमेर शहर में 12वी कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।कला वर्ग में निजी विद्यालय श्रेणी से मिलिन निर्माण, रूद्राक्ष दाधीच एवं सुदीप जोसफ ने समान रूप से 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वहीं राजकीय विद्यालय श्रेणी में कुमारी चेतना ने 95.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
वाणिज्य वर्ग में निजी विद्यालय श्रेणी से कृष्णा भट्टर ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त विमांश जैन एवं कुमारी इशिका ने 97.80 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
विज्ञान वर्ग में निजी विद्यालय श्रेणी से कुमारी तेजल चौधरी ने 96.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सर्वाेच्च स्थान प्राप्त किया, जबकि हेमंत सिंह राठौड़ ने 96.60 प्रतिशत अंक अर्जित कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। राजकीय विद्यालय श्रेणी में कुमारी खनक नायक ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
अजमेर शहर के 67 विद्यालयों के 520 छात्रों का सम्मान किया गया
अजमेर शहर के प्रतिष्ठित निजी एवं राजकीय 67 विद्यालयों, जिनसे 520 प्रतिभावान विद्यार्थियों का इस समारोह में चयन किया गया। जो निम्न विद्यालय सेंट जोसफ पर्बतपुरा-1, हैस्बेण्ड ममोरियल-4, द्रोपदी देवी सावंरमल बालिका-11, रा0जवाहर उ0मा0वि0-1, रा0बा0उ0मा0वि0श्रीनगर रोड-1, रा0बा0पहाडगंज-2, पीएमश्री बा0 गुलाबबाडी-1, रा0राजेन्द्र स्कूल-1, गुरुकुल स्कूल बडल्या-7, अंध विद्यालय आदर्श नगर-1, रा0बा0उ0मा0वि0 आदर्श नगर-4, तोपदडा स्कूल-2, संत कंवरराम स्कूल-4, गुजराती स्कूल-6, शहीद अविनाश माहेश्वरी स्कूल भगवानगंज-1, महाराजा पब्लिक स्कूल-26, न्यू मॉडन भोपो का बाडा-1, रा0स्टेशन रोड स्कूल-1, रा0बा0फायसागर-3, रा0कल्याणीपुरा-1, महात्मा गंाधी वैशाली नगर-8, रा0केन्द्रीय बा0 पुरानी मण्डी-4, सोफिया स्कूल जयपुर रोड-24, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल-4, क्वीन मेरी रामनगर-2, हरिसुन्दर बालिका स्कूल आशागंज-8, क्वीन मेरी गर्ल्स-4, के0वी 02 फायसागर-9, टर्निग पॉईट वैशाली नगर-5, सेंट पॉल स्कूल-8, सम्राट पब्लिक स्कूल-11, दयानन्द बाल निकेतन स्कूल-4, रेयान इन्टरनेशन स्कूल-9, के0वी 01-9, आर्यन पब्लिक स्कूल-2, सेंट फ्रांसिस-2, सावित्री स्कूल-4, सेन्ट्रल एकेडमी-12, मयूर स्कूल-53, मथुरा प्रसाद गुलाबदेवी स्कूल-6, सेंटमेरी कॉन्वेंट स्कूल-28, सेंट एन्सलम स्कूल-9, सेंट स्टीफन-14, लॉरेंस एण्ड मेयो माकडवाली-6, डीएवी सेंटनेरी-5, भगवान महावीर स्कूल-5, ब्लॉसम स्कूल वैशाली नगर-3, महाकरणी कृपा शिक्षण संस्थान लोहागल-1, डीएवी केसरगंज स्कूल-1, मीरा स्कूल लोहाखान-12, ब्राईट इण्डिया पब्लिक स्कूल-1, एचकेएच स्कूल-27, सेंट टेरेसा स्कूल मदार-2, दा मेस्कॉट स्कूल-8, एमपीएस स्कूल-28, मेयो कॉलेज-22, ईस्ट पॉईंट स्कूल-3, ऑल सेंट ब्यावर रोड-25, डीडब्ल्युपीएस-17, वृदंावन स्कूल-8, सोफिया भट्टा-4, सर्वोदय गढी मालियान-1, डीपीएस तबीजी-3, प्रेसीडेंसी स्कूल-10, स्वामी सर्वानन्द विद्यालय आशागंज-3 विद्यार्थी आए है।
सहयोगकर्ताओं का किया आभार व्यक्त- भदेल
विधायक भदेल ने पांचवें विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी सहयोगकर्ताओं, संस्थाओं एवं व्यवस्थाओं से जुड़े व्यक्तियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। विधायक भदेल ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों, शिक्षण संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से ही इतने भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हो पाया है। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले मास्टर एकेडमी के राजेश शर्मा, आर.जी. एकेडमी के गिरीश जैन, सिद्धम् एकेडमी के विकास टांक, सेल्सियस इंस्टीट्यूट के डॉ. अभिमन्यु, आई.पी.ए. क्लासेस के महेन्द्र शेखावत, एलन इंस्टीट्यूट के अंकित शर्मा, एम.जी. एकेडमी के मोहम्मद शाकिर खान, सफलायम एकेडमी के कौशल नामा तथा रेजोनेंस इंस्टीट्यूट सहित अन्य सभी शिक्षण संस्थानों एवं सहयोगकर्ताओं का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
साथ ही अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा सभागार में आवश्यक व्यवस्थाएं एवं सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए भी आभार व्यक्त किया।उन्होंने समारोह की व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले टेंट व्यवसायियों, हलवाई एवं भोजन व्यवस्था से जुड़े कार्मिकों, साउंड एवं लाइट व्यवस्था से जुड़े सहयोगियों, सजावट कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, तकनीकी सहयोगियों, वाहन पार्किंग व्यवस्था में सहयोग करने वाले कार्मिकों तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
समारोह को 60 से अधिक कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से संवारा गया- भदेल
अजमेर। पहल जन सेवा संस्थान की संरक्षक एवं अजमेर दक्षिण विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि पांचवें विलक्षण प्रतिभा सम्मान समारोह का सफल आयोजन संस्थान से जुड़े 60 से अधिक समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, समन्वय एवं सेवा भावना का परिणाम है। कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने में कार्यकर्ताओं ने कई दिनों तक निरंतर सक्रिय रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आगंतुकों के सुव्यवस्थित पंजीयन की जिम्मेदारी संजय नाथानी, देवेश शेखावत, लोकेश (लॉयड) एवं विजय गोयल द्वारा निभाई गई। हॉल व्यवस्था का दायित्व गोविन्दराज, जीवन तेजी, सुरेश खोरवाल, प्रदीप तुनगरिया, विक्रम तम्बोली, रोशन, जितेन्द्र गहलोत, बलराम कृष्ण, सुखदेव गुर्जर, भानुप्रताप सिंह, रजत मारु, सुरेश गुर्जर एवं लक्ष्यराज सैनी ने सफलतापूर्वक संभाला।मंच व्यवस्था के लिए रविन्द्र सिंह जादौन, मोहन लालवानी, भवानी सिंह जैदिया, गौरव उपाध्याय, हितेश ढाबरिया, जे.पी. यादव, चन्द्रभान शर्मा एवं लोकेश ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम में पेयजल व्यवस्था अटल शर्मा, हेमन्त जावा, हेमन्त फौजी, राजेश भाटी, सीताराम, राजा एवं योगेश महावर द्वारा सुचारु रूप से संचालित की गई।समारोह के तकनीकी एवं डिजिटल प्रबंधन के लिए गठित आईटी टीम में भरत कुमार (कैमरामैन), सुरेन्द्र वर्णवाल, जय तिवारी, भोपालकांत बैरवा, राहुल खटूमरा, सागर झामनानी एवं हेमन्त सुनारीवाल ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी हितेश ढाबरिया, सोनू माखीजानी, अजीत चौधरी, राजेश घाटे, सुन्दर टांक एवं दिलावर चौहान द्वारा कुशलतापूर्वक निभाई गई।वाहन पार्किंग व्यवस्था का संचालन अटल शर्मा एवं हेमन्त जावा द्वारा ट्रैफिक पुलिस, अजमेर के सहयोग से किया गया, जिससे आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन विजेन्द्र बूंदवाल एवं वर्तिका शर्मा द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथियों के स्वागत, समन्वय तथा प्रोटोकॉल व्यवस्था की जिम्मेदारी गौरव शर्मा,मयंक शर्मा द्वारा सफलतापूर्वक निभाई गई।
इस अवसर पर पहल जन सेवा संस्थान के अध्यक्ष नितेश आत्रे ने समारोह में पधारे मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहल जन सेवा संस्थान, अजमेर एक पंजीकृत सामाजिक संस्था है, जो विगत कई वर्षों से सामाजिक सरोकार, आर्थिक उत्थान, शैक्षणिक विकास एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों का निरंतर संचालन कर रही है। संस्था समय-समय पर समाजहित एवं जनकल्याण के अनेक कार्यक्रम आयोजित करती रही है।उन्होंने कहा कि संस्था के अध्यक्ष के रूप में कार्य करना उनके लिए गर्व एवं सौभाग्य का विषय है। संस्थान का उद्देश्य समाज में शिक्षा, संस्कार, सेवा एवं प्रतिभा प्रोत्साहन की भावना को बढ़ावा देना है तथा भविष्य में भी जनहित के ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
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