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May 31, 2026
देवनानी ने मेघवाल को विधानसभा का प्रतीक चिन्ह भेंट किया,देवनानी की श्री मेघवाल से विभिन्न विषयों पर चर्चा
अजमेर , 31 मई। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी और केंद्रीय विधि एवं न्याय, संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल की यहां सिविल लाइन स्थित राजकीय निवास पर मुलाकात हुई। श्री मेघवाल रविवार को अजमेर जाते वक्त जयपुर एयरपोर्ट से श्री देवनानी के आवास पर पहुंचे।
स्पीकर श्री देवनानी ने केंद्रीय मंत्री श्री मेघवाल का पुष्पगुच्छ भेंट कर और शाल ओढ़ाकर अभिवादन किया। श्री देवनानी ने श्री मेघवाल को राजस्थान विधान सभा का प्रतीक चिन्ह स्मृति स्वरूप भेंट किया। श्री देवनानी ने श्री मेघवाल को अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर उनके जीवन पर आधारित पुस्तक की प्रति भेंट की।
विधानसभा का प्रतीक चिन्ह जन मानस की सोच का प्रतिनिधित्व श्री मेघवाल ने विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी की पहल की सराहना करते हुए विधानसभा के लोगो को राजस्थान के जन मानस की सोच का प्रतिनिधित्व बताया। उन्होंने प्रतीक चिन्ह में सम्मिलित राज्य वृक्ष खेजड़ी और विधान सभा भवन की छवियों की चर्चा करते हुए कहा कि यह राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी उत्सवधर्मिता से जीवन जीने वाले लोगों की जीवटता को दर्शाता है। ऊंट और गोडावन का समावेश समन्वय की संस्कृति का द्योतक है। "राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका राजस्थान विधान सभा द्वारा की जाने वाली जनसेवा और संवैधानिक मर्यादा का आत्म मंत्र है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति कर्तव्यों में ही होती है।
श्री मेघवाल ने श्री देवनानी के नवाचारों की सराहना की श्री मेघवाल ने स्पीकर श्री देवनानी के विधानसभा भवन के विभिन्न द्वारों के नामकरण को ऐतिहासिक और मूल्यपरक निर्णय बताते हुए कहा कि द्वारों के नाम लोकतंत्र के मूल आदर्शों के प्रतीक हैं। इन द्वारों से प्रवेश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति यह अनुभव करेगा कि वह केवल एक भवन में नहीं,बल्कि लोकतांत्रिक संस्कारों के पवित्र केंद्र में प्रवेश कर रहा है। श्री मेघवाल ने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न भवनो के नामकरण करने की तर्ज पर श्री देवनानी ने विधानसभा के द्वारों को कर्तव्य द्वार, शक्ति द्वार, सुशासन द्वार, संकल्प द्वार और शौर्य द्वार नाम देकर ऐतिहासिक कार्य किया है। श्री मेघवाल ने विधान सभा भवन के बाहरी द्वारों को राजस्थान के अंचलो बृज, शेखावाटी, वागड़, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड़, मेरवाड़ा और ढूंढाड़ के नाम समर्पित कर, राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता, विरासत और लोकपरंपराओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने का अभिनव प्रयास बताया।
श्री देवनानी की श्री मेघवाल से संसदीय कार्यों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर देश की न्याय व्यवस्था, विधिक सुधारों, संवैधानिक विषयों तथा विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, सुशासन एवं जनहित से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।
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