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May 17, 2026
जयपुर। उपभोक्ता मामले विभाग की औचक जांच कार्रवाई में प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर आम उपभोक्ताओं के साथ बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। 7 जिलों में की गई सघन जांच के दौरान 25 पेट्रोल पंपों के 43 गड़बड़ नोजल जब्त अथवा बंद किए गए। जांच में सामने आया कि कई पेट्रोल पंप हर 5 लीटर पर 30 से 60 एमएल तक कम ईंधन दे रहे थे। विभागीय आकलन के अनुसार उपभोक्ताओं से हर महीने करीब 4 लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली की जा रही थी।
जिलेवार कार्रवाई
सिरोही जिले में 7 पेट्रोल पंपों के 9 नोजल बंद किए गए, जहां 40 से 50 एमएल तक शॉर्ट डिलीवरी मिली। यहां प्रतिमाह 90 से 360 लीटर कम ईंधन दिया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को करीब 1.14 लाख रुपए की मासिक हानि हो रही थी।
अलवर जिले में सिंघल सर्विस स्टेशन और चौधरी सर्विस स्टेशन के 5 नोजल बंद किए गए। यहां प्रतिमाह 648 लीटर तक कम ईंधन दिया जा रहा था और कुल अनुमानित हानि 91 हजार रुपए से अधिक आंकी गई।
नागौर जिले में 4 पेट्रोल पंपों के 11 नोजल जब्त किए गए। प्रतिमाह 54 से 378 लीटर तक कम ईंधन देने से करीब 97 हजार रुपए की आर्थिक हानि सामने आई।
भीलवाड़ा जिले में 3 पेट्रोल पंपों के 4 नोजल बंद किए गए, जहां प्रतिमाह 34 से 90 लीटर तक कम पेट्रोल दिया जा रहा था। सीकर जिले के सीएसआरबी फिलिंग स्टेशन के 4 नोजल बंद किए गए, जहां प्रतिमाह 216 लीटर तक शॉर्ट डिलीवरी सामने आई। पाली जिले में 4 पेट्रोल पंपों के 5 नोजल बंद कर उपभोक्ताओं को 55 हजार रुपए से अधिक की मासिक हानि उजागर की गई।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग है और औचक निरीक्षण कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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