Post Views 51
May 5, 2026
जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में हुए फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर के SK हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को सोमवार सुबह करीब 7 बजे दबिश देकर हिरासत में लिया गया। मामले में पहले ही मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा सात डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए डॉ. कमल कुमार अग्रवाल (40) और डॉ. बनवारी लाल (65) पर आरोप है कि इन्होंने संगठित तरीके से निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को फायदा पहुंचाने के लिए अनावश्यक मेडिकल जांचें लिखीं और आरजीएचएस योजना में गड़बड़ी की। यह मामला सीकर मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों और स्थानीय पीएचसी-सीएचसी में कार्यरत डॉक्टरों से संबंधित है।
आरजीएचएस की परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल की अनुशंसा पर तीन महीने पहले ही मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने सात डॉक्टरों को सस्पेंड किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई मरीजों को बिना पर्याप्त कारण HbA1c, RA Factor और Procalcitonin जैसी महंगी जांचें लिखी गईं। कुछ मामलों में तो इन जांचों की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली और ओपीडी स्लिप में संबंधित परामर्श का कोई उल्लेख नहीं पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों के रिकॉर्ड में स्पष्ट चिकित्सा आधार के बिना बार-बार टेस्ट लिखे गए, जिससे सरकारी योजना के तहत निजी लैब को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस फर्जीवाड़े से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल एसओजी पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में और भी अधिकारी और कर्मचारी आ सकते हैं।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved