Post Views 41
May 5, 2026
जयपुर। देश के विधान मंडलों की समिति प्रणाली को सशक्त और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक मंगलवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित हुई। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने भाग लेते हुए समितियों की कार्यप्रणाली, उनकी प्रभावशीलता और विधायकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। यह समिति की दूसरी बैठक थी, इससे पूर्व पहली बैठक भोपाल में आयोजित की गई थी।
समिति की अध्यक्षता मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की, जबकि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी सहित उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम के स्पीकर्स इसमें शामिल हुए। बैठक की शुरुआत पारंपरिक तरीके से मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। डॉ. देवनानी ने सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा अनुसार स्वागत किया, जिसमें सारंगी वादन, कच्छी घोड़ी नृत्य और कठपुतली कला ने सभी को आकर्षित किया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विधान मंडलों की समितियां सदन का लघु रूप होती हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समितियों को अधिक सक्रिय बनाने, उनके कार्यों में पारदर्शिता लाने, रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने और सभी राज्यों में एकरूपता स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी विचार किया गया कि समितियों की रिपोर्ट पर राज्य सरकारें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें और उन पर सदन में चर्चा हो।
डॉ. देवनानी ने बताया कि समिति द्वारा तैयार की जा रही सिफारिशों की रिपोर्ट जून माह में लोकसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले एक और बैठक आयोजित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समितियां न केवल शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं, बल्कि आमजन को न्याय दिलाने और संसदीय शोध को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved