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May 2, 2026
अनिल वनवानी / उदयपुर | उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “जिसकी कुलदेवी है, वह हिन्दू है।” उन्होंने इतिहास के पुनर्लेखन के लिए आयोग गठित करने की भी मांग उठाई।
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और सभ्यता अध्ययन केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आबू रोड में आयोजित संगोष्ठी में ‘भारत की क्षत्रिय परंपरा’ पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. रावत ने कहा कि अलग-अलग जातियों में बंटे समाज की कुलदेवियां कई जगह समान हैं, जो यह दर्शाती हैं कि सभी की जड़ें एक ही हैं। सांसद ने आर्य आक्रमण सिद्धांत पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर पुनः अध्ययन की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा, “जब हम अपनी कुलदेवियों का इतिहास खोजेंगे तो समाज की एकता अपने आप सामने आएगी।”
संगोष्ठी में देशभर के इतिहासकारों ने भाग लिया और भारत के प्राचीन इतिहास को नई पीढ़ी तक सही रूप में पहुंचाने पर जोर दिया। अन्य वक्ताओं ने भी पाठ्यक्रम में बदलाव और इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता पर बल दिया।
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