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May 1, 2026
अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में डॉक्टर्स ने सफ़ल ऑपरेशन करके 18 साल के छात्र के बाएं पैर से बंदूक की गोली के 12 छर्रे निकाल कर उसे नई जिंदगी दे दी। कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में करीब 9 घंटे तक सफल ऑपरेशन चला। गोली लगने के बाद छात्र का हार्ट भी बंद हो गया था, जिसे डॉक्टर ने सीपीआर देकर बचाया। हालांकि, अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है। दरअसल, 11 अप्रैल की रात को किशनगढ़ निवासी 18 साल के रेहान की गोली लगने से बाएं पैर की जांघ पर सूजन आ गई थी। इस दौरान उसके पैर की तीन नसें भी फट गई थी। दूसरे दिन 12 अप्रैल को अल सुबह 3:20 बजे परिजनों ने रेहान को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सफल ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को उसे
छुट्टी दे दी गई है।
हाल में रेहान ने 12वीं कक्षा पास कर कॉलेज में दाखिला किया है। शुक्रवार को जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे और उपाध्यक्ष डॉ. अमित यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी साझा की।
प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया ने बताया कि 12 अप्रैल को किशनगढ़ निवासी 18 साल के रेहान को परिजन जेएलएन अस्पताल में लेकर पहुंचे थे। जिसके लेफ्ट पैर पर गोली लगी हुई थी। युवक का बहुत खून बह चुका था। तुरंत CTVS डिपार्टमेंट के डॉ. तेजकरण सैनी ने उसे अपनी देखरेख में लिया । अलग-अलग विभागों की टीम ने रेहान को अटेंड किया। इस दौरान उसे एक बार बीच में CPR तक देना पड़ गया था। 14 अप्रैल को उसे ओटी में लिया गया, जहां करीब 9 घंटे तक उसकी सर्जरी की गई। अब वह बिल्कुल ठीक है, जिसे आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
डॉ. तेजकरण सैनी ने बताया कि वह एकदम घबराया हुआ था। गोली लगने से उसके लेफ्ट पैर के पीछे की तीन नसें फट गई थी। रेगुलर खून निकल रहा था और पैर में सूजन गई थी। इस दौरान बीपी बिल्कुल कम हो गया था, जबकि हीमोग्लोबिन हाई हो गया था। अगर तुरंत इसे ठीक नहीं करते तो उसकी जान भी जा सकती थी। डॉ. सैनी ने बताया कि अगर 24 घंटे के अंदर पैर ठीक नहीं करते तो वह काटना पड़ता। इसी बीच बच्चे का हार्ट तक बंद हो गया था। सीपीआर देकर वापस शुरू किया गया। बाद में बच्चा जब नॉर्मल हुआ तो उसकी 9 घंटे तक सर्जरी कई गई। उसकी तीनों नसों को ऑपरेशन के जरिए फिर से ठीक कर दिया गया है।आज उसे स्वस्थ हालत में डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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