Post Views 71
April 23, 2026
उदयपुर में आम लोगों को मुफ्त इलाज देने के लिए चल रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर यानी जनता क्लीनिक की हकीकत उस वक्त सामने आई, जब स्वास्थ्य विभाग ने अचानक निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के नेतृत्व में टीमों ने शहर के कई क्लीनिकों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान कई जगह गंभीर लापरवाही सामने आई—कहीं क्लीनिक पर ताले लटके मिले, तो कहीं डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बिना सूचना के गायब थे। कृषि मंडी स्थित क्लीनिक पर खुद सीएमएचओ पहुंचे, जहां वर्किंग ऑवर में भी क्लीनिक बंद मिला। वहीं डॉ. राकेश गुप्ता जब रामपुरा क्लीनिक पहुंचे, तो वहां भी ताला लगा हुआ था। सबसे ज्यादा खामियां पुराने आरटीओ और खेमपुरा क्षेत्र में पाई गईं। डॉ. विक्रम सिंह ने निरीक्षण में कई कर्मचारियों को ड्यूटी से नदारद पाया। खेमपुरा में तो सिर्फ एक कर्मचारी ही मौजूद था, बाकी स्टाफ गायब था। अन्य इलाकों में भी यही हाल रहा। पानेरियो की मादड़ी और MLSU क्लीनिक में भी डॉक्टर और स्टाफ अनुपस्थित मिले। हालांकि, सुंदरवास क्लीनिक में पूरा स्टाफ मौजूद मिला, जो राहत की बात रही। इस लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्लेसमेंट एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। सरकार के निर्देश हैं कि ये क्लीनिक दोनों पारियों में संचालित हों, ताकि लोगों को पास में ही मुफ्त और बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए हीट स्ट्रोक से बचाव और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved