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April 22, 2026
जयपुर। राजस्थान ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 अलग-अलग कंपनियों की दवाइयों को जांच में अमानक (Not of Standard Quality) पाया है। इन दवाइयों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के इलाज में उपयोग आने वाली सिरप, खांसी की सिरप, एंटीबायोटिक और गठिया रोग जैसी बीमारियों में काम आने वाली दवाइयां शामिल हैं। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और दवा बाजार में हड़कंप मच गया है।
राजस्थान के ड्रग कंट्रोलर अजय पाठक ने बताया कि इन दवाइयों के सैंपल 1 से 15 अप्रैल के बीच प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से लिए गए थे। अब इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद 7 दवाइयों के सैंपल अमानक पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इनमें दो दवाइयां बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में उपयोग होती हैं, जबकि एक एंटीबायोटिक, एक खांसी की सिरप और अन्य दवाइयां भी शामिल हैं।
जांच में अमानक पाई गई दवाइयों में Lark Laboratories (India) Ltd., भिवाड़ी (अलवर) द्वारा निर्मित ‘लोरामिक्स सिरप’ (Cefixime Oral Suspension) शामिल है, जो बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में उपयोग होती है। Affy Parenterals द्वारा बनाई गई ‘एल्बेंडाजोल टैबलेट’ भी जांच में फेल हुई, जिसका उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने में किया जाता है।
इसी तरह Akkovale Pharma Pvt. Ltd. और डिजिटल मिशन द्वारा बनाई गई ‘आईसटोकफ-LS’ सिरप (Ambroxol, Levosalbutamol and Guaiphenesin), जो खांसी और कफ निकालने में उपयोग होती है, अमानक पाई गई। United Biotech Pvt. Ltd., हरिद्वार द्वारा निर्मित ‘मिथाइलप्रेडनिसोलोन-4’ टैबलेट, जो सूजन और गठिया रोग में काम आती है, भी जांच में फेल हुई।
इसके अलावा Tuxa Lifesciences Pvt. Ltd. की ‘ओकुफ-DX’ सिरप, जो सूखी खांसी के इलाज में काम आती है, VADSP Pharmaceuticals की ‘एक्सटेंसिव-500’ (Cefuroxime Axetil), और Omega Pharma की ‘सिप्रोफ्लोक्सासिन 500’ एंटीबायोटिक दवा भी अमानक पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग अब इन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमानक दवाइयों का सेवन मरीजों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
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