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April 7, 2026
अनिल वनवानी / उदयपुर | भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने 10 साल पुराने वीडियो विवाद को लेकर पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग मैदान छोड़ देते हैं, उन्हें जनता के बीच खड़े रहने का साहस नहीं होता।
कटारिया ने तंज कसते हुए कहा कि अगर टिकट मिलने को तैयार था, तो फिर सिर्फ एक चुनाव लड़कर विधानसभा क्यों छोड़ दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जनता की सेवा करता है, वह हर परिस्थिति में लोगों के बीच खड़ा रहने का दम रखता है, जबकि कुछ लोग अपनी असली पीड़ा कहीं और छुपाकर कहीं और बयान करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे “रोग” का कोई इलाज नहीं होता, लेकिन समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है। साथ ही यह भी जोड़ा कि उनका मूल्यांकन जनता करेगी, क्योंकि वे पिछले कई दशकों से लगातार जनता के बीच रहकर काम करते आए हैं। अपने कार्यकाल और सक्रियता का जिक्र करते हुए कटारिया ने कहा कि वे आज भी लगातार जनता से जुड़े रहते हैं और उनके काम की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि आम लोग उन्हें अच्छी तरह पहचानते हैं, जबकि कई बड़े पदों पर बैठे लोगों को जनता याद भी नहीं रखती।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी के चलते वे पार्टी की आंतरिक स्थिति पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन यह जरूर कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी लाइन के अनुसार काम किया है।
इस पूरे विवाद की जड़ में हाल ही में सामने आया एक पुराना वीडियो है, जिसमें कथित तौर पर धर्म नारायण जोशी कुछ नेताओं के साथ कटारिया का विरोध करते नजर आए थे। इसके अलावा, जोशी के करीबी नेता द्वारा राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कटारिया के उदयपुर दौरों पर सवाल उठाने से भी यह सियासी टकराव और तेज हो गया है। फिलहाल इस बयानबाजी ने उदयपुर की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले समय में यह विवाद और गहराने के संकेत दे रहा है।
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