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March 30, 2026
चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2624 वां जन्म कल्याणक महोत्सव महावीर जयंती देश सहित अजमेर में बड़े ही हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाई गई।
सोमवार सुबह केसरगंज स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन मंदिर से जैन धर्म की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाती हुई लगभग 15 झांकियों के साथ विशाल शोभायात्रा निकाल कर सत्य अहिंसा का संदेश दिया गया।
शोभायात्रा में जैन समाज के महिला पुरुष व बच्चों ने जैन भजनों पर अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हुए नृत्य किया। शोभायात्रा का शहर में जगह जगह विभिन्न् समाज एवं संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में सेठ भागचंद सोनी परिवार द्वारा निर्मित स्वर्ण रथ पर श्रीजी की सवारी विराजमान थी इसके साथ ही 13 अन्य रथ भी शामिल रहे। निर्यापक मुनि योग सागर महाराज ससंघ शामिल हुए।
शोभायात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी और पुरुष श्वेत वस्त्रों धारण कर मौजूद रहे। अलग-अलग स्थानों से आई बैंड बाजा पार्टियों ने अपनी मधुर धुनों की प्रस्तुति दी तो वहीं केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित भाजपा ओर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने शोभायात्रा का अलग अलग स्थानों पर स्वागत कर जैन बंधुओं को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दी। शोभायात्रा जा नला बाजार से होते हुए दरगाह के सामने पहुंची तब
दरगाह के खादिमों द्वारा जैन समाज के प्रमुख लोगों की दस्तारबंदी कर हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश की गई।
देश का सबसे बड़ा सोने का रथ अजमेर में भी सेठ भागचंद सोनी परिवार के पास है। करोड़ों रुपए के इस रथ को साल में एक बार महावीर जयंती पर निकाला जाता है। करीब डेढ़ सौ साल पहले इसे दिल्ली के कारीगरों ने बनाया था। करीब 25 साल पहले इसके मेंटेनेंस पर 25 लाख रुपए खर्च हुए थे। श्रद्धालु ने इसे हाथों से खींचते हैं। रथ का बेसिक स्ट्रक्चर लकड़ी और तांबे का है। रथ के ऊपर सोने की परत चढ़ाई गई है। रथ के मुख्यतः तीन पार्ट्स हैं। इसमें आगे की तरफ घोड़े, पीछे बग्गी और गुंबदनुमा छत है। इसके अलावा इसके अलग-अलग 51 पार्ट्स हैं। महावीर जयंती से कुछ दिन पहले ही ट्रस्ट के सदस्यों की देखरेख में रथ के पार्ट्स को असेंबल किया जाता है। रथ यात्रा समाप्त होने के बाद वापस इनके पार्ट्स को अलग-अलग कर दिया जाता है।
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