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March 16, 2026
उदयपुर | शहर के नारायण सेवा संस्थान के 'सेवा महातीर्थ' परिसर में एक अनोखा सामूहिक विवाह आयोजन हुआ। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए 51 जोड़ों में से 25 जोड़े दिव्यांग थे। जोड़े अपनी सीमाओं को पीछे छोड़कर जीवन का नया अध्याय शुरू कर रहे थे।
कार्यक्रम में एक आंख से दिव्यांग दूल्हे को वरमाला पहनाने वाली व्हीलचेयर पर बैठी दुल्हन, और मूक-बधिर दुल्हन जिसने दोनों पैरों से दिव्यांग दूल्हे से शादी रचाई, जैसे अद्भुत उदाहरण देखने को मिले। इसके अलावा एक जोड़े में दूल्हे का एक हाथ और दुल्हन का एक पैर दिव्यांग था। सभी जोड़ों ने सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन की शुरुआत की। संस्थान ने इन नवविवाहितों को घर बसाने के लिए सभी आवश्यक सामान जैसे पलंग, बिस्तर, बर्तन, गैस चूल्हा, पंखा और घड़ी उपहार स्वरूप दिया। साथ ही कन्यादान के रूप में गहने और कपड़े भी प्रदान किए गए। मध्य प्रदेश से आए राजेश और राजकुमारी का प्यार और संघर्ष की कहानी भी खास रही। राजेश दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और राजकुमारी बोल और सुन नहीं सकतीं। वहीं उदयपुर के मधु भोई और संतोष कुमार लोढ़ा भी दिव्यांगता के बावजूद एक-दूसरे का सहारा बनते दिखे। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन दिव्यांगों के लिए आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। धूमधाम से हुई बारात और भावुक विदाई के साथ नवविवाहित जोड़ों ने अपने नए जीवन की शुरुआत की। संस्थापक पद्मश्री कैलाश 'मानव' और कमला देवी ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
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