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February 21, 2026
पुष्कर में 23–25 फरवरी को हनुमंत कथा, शुल्क और फर्जी प्रचार को लेकर बढ़ा विवाद
पुष्कर के नए मेला मैदान में 23 से 25 फरवरी तक प्रस्तावित हनुमंत कथा को लेकर विवाद और चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा और पवन कुमार ने प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि कथा पूर्णतः निशुल्क है और किसी भी प्रकार का वीआईपी पास या प्रवेश शुल्क नहीं लिया जा रहा है। 24 फरवरी को दोपहर 12 बजे दिव्य दरबार का आयोजन प्रस्तावित है, जबकि 22 फरवरी को सुबह 9:30 बजे हनुमान मंदिर से रामधाम चौराहे होते हुए ब्रह्मा मंदिर तक कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसी बीच 20 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे बागेश्वर धाम के मुख्य उपासक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज से वीडियो जारी कर भक्तों को सावधान किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि मोबाइल ऐप, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सुंदरकांड मंडलों के नाम पर कथाओं के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है, जबकि इनका बागेश्वर धाम सरकार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसा देकर मिलने, अर्जी लगवाने या विशेष सुविधा पाने जैसे प्रलोभनों से बचें। धाम की ओर से किसी भी व्यक्ति या संस्था को ऐसी कोई अधिकृत अनुमति नहीं दी गई है। सदस्यता शुल्क की बात को भी निराधार बताया गया है। सेवा राशि केवल आधिकारिक फेसबुक पेज और यूट्यूब आईडी पर प्रदर्शित बैंक खाते में ही जमा करने की अपील की गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—विशेषकर इंस्टाग्राम और अन्य अकाउंट्स—पर समिति से जुड़ने के शुल्क और पास संबंधी वीडियो अब भी उपलब्ध हैं, जो आयोजकों के बयानों से भिन्न नजर आ रहे हैं। इसको लेकर श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। वहीं आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया है। कथा स्थल के पंडाल में कुछ श्रद्धालु गैस सिलेंडर लगाकर भोजन बनाते और करते नजर आए। पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नए मेला मैदान में जानवरों के लिए बनी पानी की खेलियों पर लोगों को स्नान करते और पानी भरते देखा गया, आयोजन समिति का कहना है कि प्रशासन का सहयोग मिल रहा है और आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दूसरी ओर, बैनर फाड़ने और कथित फर्जी प्रचार को लेकर जल्द विभिन्न थानों में शिकायत दर्ज कराने की बात भी सामने आई है। कुल मिलाकर हनुमंत कथा के आयोजन से पूर्व ही शुल्क, पास, व्यवस्थाओं और सोशल मीडिया प्रचार को लेकर विरोधाभासी दावों ने विवाद को जन्म दे दिया है।
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