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February 20, 2026
तीर्थराज पुष्कर को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाने की तैयारी, सीएम ने की विकास योजनाओं की समीक्षा
तीर्थराज पुष्कर की दिव्यता और भव्यता को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने विकास कार्यों को तेज करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में गुरुवार को आयोजित बैठक में भगवान ब्रह्मा जी की पावन नगरी पुष्कर के समग्र विकास की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुष्कर को विश्वस्तरीय तीर्थाटन और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों और साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। बैठक में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वहीं पुष्कर विधायक एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार पुष्कर की दिव्यता, भव्यता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बैठक में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पूर्व 24 नवंबर 2025 को पुष्कर के आरटीडीसी होटल सरोवर में ब्रह्मलोक कॉरिडोर और पुष्कर सरोवर परिक्रमा मार्ग विकास परियोजना को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। प्रस्तावित ब्रह्मलोक कॉरिडोर को काशी और उज्जैन की तर्ज पर विकसित करने की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट किया था कि परियोजना को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां निराधार हैं और किसी का मकान या भवन नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है। वही दूसरी ओर धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा था कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस परियोजना को लेकर गंभीर हैं और नियमित समीक्षा कर रहे हैं। जिला कलेक्टर लोकबंधु ने भी बताया था कि पिछले वर्षों (2024) में जहां पुष्कर में लगभग 50 लाख पर्यटक आते थे, वहीं अब यह(2025) संख्या बढ़कर एक करोड़ से अधिक हो गई है। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, धार्मिक संरचनाओं के संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में सामाजिक संगठनों, तीर्थ पुरोहित संघ, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से भी सुझाव लिए गए। प्रशासन ने आमजन से लिखित सुझाव भी आमंत्रित किए हैं, जिनके आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सरकार को सौंपा जाएगा।
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