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February 19, 2026
उदयपुर में महिला नेता का AI के जरिए कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने जिला कलेक्टर नमित मेहता को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्वों द्वारा घरों में तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
राठौड़ ने कहा कि निर्दोष परिजनों और मोहल्लावासियों के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया और पूरे क्षेत्र में भय एवं अविश्वास का वातावरण है। कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से करवाई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, वकील के घर और कार्यालय से जब्त सामग्री को स्वतंत्र एजेंसी की निगरानी में सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है।
गौरतलब है कि पांच दिन पहले उदयपुर की एक महिला नेता ने एक अधिवक्ता पर AI के माध्यम से आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था और आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया था। पुलिस के अनुसार, महिला पिछले एक वर्ष से आरोपी के कार्यालय में जूनियर के रूप में कार्यरत थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता को उसके घर से डिटेन किया था। अब इस पूरे घटनाक्रम ने शहर की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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