Post Views 01
February 10, 2026
उदयपुर | प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने राजस्थान में सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन की असमान तस्वीर सामने रख दी है। गत 30 जनवरी तक की स्थिति के अनुसार राज्य में अब तक 1 लाख 32 हजार 231 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं और इस योजना से कुल 1 लाख 36 हजार 187 परिवारों को जोड़ा गया है, जबकि सरकार की ओर से 925.12 करोड़ रुपए की सब्सिडी लाभार्थियों के खातों में जारी की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक राजधानी जयपुर इस योजना में पूरे प्रदेश में सबसे आगे है, जहां अब तक 27,090 घरों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं और इसके बदले सरकार ने 192.35 करोड़ रुपए की सब्सिडी जारी की है। यह जानकारी उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने संसद में दी है।
रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करने पर सामने आता है कि योजना का लाभ मुख्य रूप से बड़े शहरों तक ही सीमित रह गया है, जबकि ग्रामीण और नए बने जिलों में सोलर को लेकर रुझान बेहद कमजोर है। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े शहरी केंद्र जोधपुर में अब तक केवल 7 हजार घरों में ही सोलर पैनल लगाए जा सके हैं, जबकि अजमेर में 5 हजार और कोटा में 4 हजार इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं, जो आबादी के अनुपात में काफी कम माने जा रहे हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति नए जिलों और ग्रामीण इलाकों की है, जहां आंकड़े बेहद कम हैं। दूदू जिले में अब तक सिर्फ 8, जोधपुर ग्रामीण में मात्र 3 और जयपुर ग्रामीण में 24 सोलर कनेक्शन ही हो पाए हैं, जबकि सांचौर, सलूंबर और डीग जैसे जिलों में भी यह संख्या 200 से कम बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि जैसलमेर जैसे जिले में, जहां सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं और साल भर तेज धूप मिलती है, वहां भी अब तक केवल 270 सोलर रूफटॉप सिस्टम ही लगाए जा सके हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की पहुंच राज्य के दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से नहीं हो पाई है, जिस पर सरकार और प्रशासन को अब नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved