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January 30, 2026
उदयपुर | धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अब विकसित जनजाति ग्राम का पूरा विकास प्लान सीधे ग्राम सभा में तैयार किया जाएगा। इसके लिए गांवों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास प्रस्ताव बनाए जाएंगे। लोकसभा में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने तारांकित प्रश्न के जरिए यह सुझाव रखा था, जिस पर केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने सहमति जताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में काम करेगी। राजस्थान में यह अभियान 30 जिलों के 208 ब्लॉकों में आने वाले 6019 जनजाति बहुल गांवों में चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य इन गांवों में सुविधाओं और मानव संसाधन विकास से जुड़े लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल करना है। देशभर में कुल 63 हजार से अधिक जनजातीय गांवों को इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत केंद्र सरकार के 17 मंत्रालय मिलकर 25 प्रकार के विकास कार्यों को अंजाम दे रहे हैं, ताकि आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास से जुड़ी कमियों को दूर किया जा सके।
इस अभियान के जरिए जनजातीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, पक्के मकान और रोजगार के अवसरों को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचे और कनेक्टिविटी तथा कौशल विकास को मजबूती मिले।
देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों में फैले 63,843 गांवों को इस योजना के तहत कवर किया गया है। अगले पांच वर्षों के लिए इस अभियान का कुल बजट 79,156 करोड़ रुपये तय किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार 56,333 करोड़ रुपये और राज्य सरकारें 22,823 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। राजस्थान के उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों में राज्य सरकार के प्रस्तावों के आधार पर कई विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार इन चार जिलों के 2038 गांवों में से 1850 गांवों में पेयजल आपूर्ति का कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डूंगरपुर में 6076, प्रतापगढ़ में 2793, सलूंबर में 9092 और उदयपुर जिले में 2218 पक्के मकानों को मंजूरी दी है। वहीं दूरसंचार विभाग ने डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर के सैकड़ों गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी भी उपलब्ध करा दी है।
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