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January 23, 2026
उदयपुर की पेराफेरी में बसे 205 गांवों के करीब 50 हजार परिवारों के लिए अब इंतज़ार खत्म होने की उम्मीद नजर आने लगी है। वर्षों से पट्टों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का असर दिखने लगा है और अब आबादी बसावट भूमि हस्तांतरण की पहली सूची 5 फरवरी तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है। पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति और सर्व समाज के प्रतिनिधियों की यूडीए कमिश्नर राहुल जैन के साथ हुई फॉलोअप बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आई। बैठक में यूडीए की ओर से बताया गया कि पेराफेरी पंचायतों और नगर निगम में शामिल गांवों में आबादी आराजी हस्तांतरण को लेकर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
यूडीए के अनुसार, जिन गांवों को हाल ही में निगम में शामिल किया गया है, वहां भी आबादी भूमि पंचायतों को सौंपने के निर्देश तहसीलदार और एसडीएम को दिए जा चुके हैं। अब चरणबद्ध तरीके से पहली सूची जारी करने की तैयारी है, जिससे हजारों परिवारों की वर्षों पुरानी उम्मीद को जमीन मिल सकती है। संघर्ष समिति संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने बैठक को पूरी तरह सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपने वादों के अनुसार काम कर रहा है और यदि तय समय में प्रक्रिया आगे बढ़ी तो हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समिति खाली जमीन या नए अतिक्रमण के पक्ष में नहीं है, बल्कि सालों से बसे लोगों को ही पट्टे मिलने चाहिए।
बैठक में चरागाह भूमि पर बसे पुराने गांवों को राहत देने, गैर खातेदारी भूमि पर बने मकानों के पट्टे, सामुदायिक विकास के लिए गोशाला, खेल मैदान, पार्क और मरघट रिजर्व भूमि जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने साफ किया कि हर पात्र व्यक्ति को मकान का पट्टा दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने 69ए के तहत पट्टे जारी करने में नियमों की शिथिलता को लेकर सरकार को पत्र भेजा है। फिलहाल निगम 1992 के नियमों को मान रहा है, जबकि पहले अलग-अलग संस्थाओं ने अलग कट ऑफ डेट तक पट्टे जारी किए हैं। अब सरकार को तय करना है कि अंतिम कट ऑफ डेट क्या होगी.... क्या 5 फरवरी तक पहली सूची जारी होकर 50 हजार परिवारों की आस को हकीकत में बदलेगी, या इंतज़ार अभी और लंबा चलेगा?
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