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January 20, 2026
सेंट्रल जेल में बंद बंदी ने साथी बंदी पर धारदार हथियार से किया हमला,
घायल बंदी का अस्पताल में कराया इलाज,जेल प्रहरी ने आरोपी बंदी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराया मुकदमा
अजमेर सेंट्रल जेल में बंद बंदी पर धारदार हथियार से हमला कर घायल करने का मामला सामने आया है। हमला करने से पहले हमलावर बंदी ने उसे कहा कि 'तूने ढाई साल के बच्चे को फेविस्टिक डालकर मार दिया। तू इंसान नहीं राक्षस है, और तुझे इस जेल में रहने का कोई अधिकार नहीं। मैं तेरे को आज जान से मारूंगा।' घायल बंदी को जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया जहां उसका इलाज जारी है। जेल प्रहरी मुकेश जाट ने आरोपी बंदी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। सब इंस्पेक्टर गिरिराज कुमार ने बताया कि सेंट्रल जेल के वार्ड संख्या 13 की बैरक संख्या 2 में विचाराधीन बंदी दीपक सैनी और हिनेश पुत्र शंकर लाल बंद है। 19 जनवरी को बंदी दीपक सैनी अपने साथियों के साथ बैरक में चेस खेल रहा था।तब बंदी हिनेश पुत्र शंकर लाल चिल्लाते हुए आया। उसने बंदी दीपक से चिल्लाते हुए कहा कि तुझे इस जेल में रहने का कोई अधिकार नहीं। मैं तेरे को आज जान से मारूंगा। इसके बाद बंदी हिनेश ने हाथ से बने लोहे की पत्ती नुमा धारदार हथियार को जेब से निकाला और बंदी दीपक सैनी पर हमला कर दिया। बंदी दीपक के बाए गाल पर गंभीर चोट आई। ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी ने मौके पर जाकर बंदी दीपक को छुड़ाकर जेल डिस्पेंसरी भिजवाया। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गई है। बंदी को जेएलएन हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया। जेल प्रहरी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है हेड कांस्टेबल मनमोहन द्वारा जांच की जा रही है।
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