Post Views 431
January 19, 2026
अनिल वनवानी . उदयपुर। सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से कल उदयपुर के बड़गांव पंचायत समिति मैदान में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज ने हिन्दू समाज को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि हर हिन्दू को घर से निकलते समय तिलक अवश्य लगाना चाहिए और सप्ताह या महीने में कम से कम एक बार सामूहिक भजन और भोजन जरूर करना चाहिए।
महामंडलेश्वर ने कहा कि पंगत की संगत ही सामाजिक समरसता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बांग्लादेश में हिन्दू समाज पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए हिन्दुओं को संगठित रहने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि रुबिका लियाकत ने कहा कि मातृ शक्ति ही परिवार, समाज और संस्कारों की आधारशिला है। यदि मातृ शक्ति सशक्त होगी तो संस्कार स्वतः मजबूत होंगे। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भारतीय गो सेवा प्रमुख अजित महापात्र ने कहा कि संघ का उद्देश्य भारतीय सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का सम्मान और संरक्षण करना है। इस दौरान ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभा में मीना सिंघवी, कल्पना प्रजापत, डॉ. कामिनी सुथार शर्मा, वैशाली गमेती और लविश श्रीमाली ने अपने विचार रखे। सम्मेलन के तहत भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। बड़गांव में करीब 2,500 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गान किया। शोभायात्रा बालकेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर पंचायत समिति मैदान तक पहुंची। मार्ग में भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
शोभायात्रा में बैंड की मंगल धुन, मेवाड़ी गीत, सजे-धजे घोड़े-ऊंट और झांसी की रानी की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. अनिल मेहता ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा ने देश में स्व और स्वदेशी के भाव को जागृत किया है।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved