For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News

राजस्थान न्यूज़: सपोटरा थाने में कैद संकट मोचन हनुमान जी की मूर्ति की रिहाई और अवैध पट्टों को निरस्त करने की मांग

Post Views 61

December 7, 2024

राजस्थान के हाड़ौती गांव में स्थित सैंकड़ों वर्ष पुराने संकट मोचन हनुमान मंदिर की मूर्ति को सपोटरा थाने से रिहा करवाने और मंदिर भूमि पर अवैध रूप से दिए गए पट्टों को निरस्त करने की मांग जोर पकड़ रही है। हिंदू समाज और स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।प्राचीन मंदिर और भूमि विवाद: हाड़ौती गांव के कोली घाटा क्षेत्र (खसरा नंबर 576) में स्थित प्राचीन हनुमान जी और बिनौली देवी माता का मंदिर सैंकड़ों वर्षों से मौजूद था।

2017 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने स्थानीय सरपंच गीता देवी मीणा के माध्यम से चार मुसलमान व्यक्तियों को मंदिर भूमि पर 300-300 वर्ग गज के पट्टे दिलवा दिए।

पट्टों की वैधता पर सवाल: 2019 में पंचायत समिति सपोटरा ने इन पट्टों को अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया। इसके बावजूद, 2021 में पांच और निःशुल्क पट्टे जारी कर दिए गए।

मूर्ति का जबरन हटाया जाना: 2020 के दशहरे पर, बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में एसएचओ वनवारी लाल मीणा और अन्य अधिकारियों ने हनुमान जी की प्रतिमा को मंदिर से हटाकर सपोटरा थाने ले गए। मूर्ति आज भी थाने में कैद है।

हिंदू समाज की मांग: हिंदू समाज और स्थानीय नेताओं ने सरकार और प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं: हनुमान जी की मूर्ति को ससम्मान मंदिर स्थल पर वापस स्थापित किया जाए।मंदिर भूमि पर दिए गए अवैध पट्टों को तुरंत निरस्त किया जाए।प्रशासन मूर्ति वापसी के दौरान धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस बल और बाजा गाजा के साथ कार्यक्रम आयोजित करे।

राजनीतिक विवाद: हिंदू समाज का आरोप है कि तत्कालीन कांग्रेस विधायक रमेश मीणा ने मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए ये पट्टे दिए।भाजपा सरकार के आने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।समाज ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि एक साल बाद भी इस विवाद का समाधान नहीं किया गया।

जनआंदोलन: हिंदू समाज ने आंदोलन तेज करने और सरकार पर दबाव बनाने की योजना बनाई है। अगर सरकार शीघ्र कार्रवाई नहीं करती है, तो समाज ने राज्यव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

सपोटरा का यह मामला धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संतुलन की मांग करता है। हिंदू समाज की भावनाओं को देखते हुए, प्रशासन और सरकार को समस्या का त्वरित समाधान करना चाहिए। मूर्ति की वापसी और अवैध पट्टों की निरस्तीकरण से इस विवाद को सुलझाया जा सकता है।