Post Views 31
December 16, 2022
जिला स्तरीय कृषि समिति की बैठक आयोजित
अजमेर 16 दिसम्बर। जिला कलक्टर श्री अंश दीप की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय कृषि समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें कृषकों से सम्बन्धित योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर श्री अंश दीप ने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार रबी की फसल की बुवाई के लिए किसानों के साथ विभागीय अधिकारी लगातार सम्पर्क में रहंगेे। आवश्यकतानुसार कृषकों को नवीनतम तकनीक के सम्बन्ध में जानकारी देने के साथ-साथ अधिकतम उपज प्राप्त करने के बारे में सलाह प्रदान की जाए। रबी के दौरान यूरिया, डीएपी एवं एसएसपी उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सम्भावित मांग के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है। पात्र किसानों तक अनुदान का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था करें। वर्षा आधारित क्षेत्र विकास कार्यक्रम में चयनित नवीन कलस्टर करांटी में उद्यानिकी, पशुपालन, चारा प्रदर्शन, वर्मीकम्पोस्ट एवं पेड़ आधारित कृषि पद्धति को बढ़ावा देने का कार्य किया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत जिले के लिए संसूचित फसलों के बीमे सुनिश्चित हो। इसके लिए सम्बन्धित एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) से सम्बन्धित विभागों में आपसी समन्वय कर कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रयास किए जाए। जिले में कृषि एवं पशुपालन साथ-साथ होने से दोनो क्षेत्रों पर एक साथ ध्यान देने की आवश्यकता है। जैविक खेती अपनाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। परम्परागत फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी अपनाने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भूमिहीन कृषि श्रमिकों में कौशल विकास एवं क्षमता विकास के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक पक्षों पर बराबर ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राजस्थान खाद्य प्रसंस्करण मिशन, राजस्थान सुक्ष्म सिंचाई मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं राज्य योजना के लिए निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए कार्य किया जाए। इन योजनाओं के लिए आवंटित बजट का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो। ग्रीन हाउस, जल स्त्रोत, बगीचा स्थापना, वर्मी कम्पोस्ट, प्याज भण्डारण सरंचना, कोल्ड स्टोरेज एवं प्लास्टिक मल्च जैसी गतिविधियों के पूर्ण हो चुके कार्यो का भुगतान तत्काल प्रभाव से किया जाए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान खाद्य प्रसंस्करण मिशन के अन्तर्गत मधुमक्खी पालन का नवीन घटक शामिल किया गया है। मधुमक्खी पालन के इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करने के उपरांत अनुदानित दरों पर बक्से एवं कॉलोनी तत्परता से उपलब्ध कराई जाए। मधुमक्खी पालन के माध्यम से स्वरोजगार आरंभ करने वाले किसानों को अन्य योजनाओं के साथ भी जोड़ा जाना चाहिए।
इस अवसर पर कृषि विभाग की उपनिदेशक श्रीमती आरती यादव, आत्मा के परियोजना निदेशक श्री बुद्धिप्रकाश पारिक, उद्यान विभाग के सहायक निदेशक श्री के.पी. सिंह राजावत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved