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December 8, 2022
भिक्षावृत्ति मुक्त अजमेर अभियान,अब नानी रहेगी अपना घर में,अभियान के तहत जिले में हुई पहली कार्यवाही
अजमेर, 08 दिसम्बर। भिक्षावृत्ति मुक्त अजमेर अभियान के अन्तर्गत गुरूवार को पहली कार्यवाही करते हुए 35 वर्षों से एक ही स्थान पर बैठकर भिक्षावृत्ति करने वाली नानी को समझाईश कर अपना घर भेजा गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री प्रफुल्ल चन्द्र चौबीसा ने बताया कि भिक्षावृत्ति मुक्त अजमेर अभियान के अन्तर्गत अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भावना गर्ग के निर्देशन में जिले की पहली कार्यवाही की गई। सेन्ट्रल जेल के पास लगभग 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला लम्बे समय से रहकर भिक्षावृत्ति कर रही थी। स्थानीय निवासियों से जानकारी लेने पर पाया गया कि बुजुर्ग महिला पिछले लगभग 35 वर्षों से यही रह रही थी। भिक्षावृत्ति से वह अपना जीवनयापन करती थी। उनकी मानसिक स्थिति भी सही नहीं होने के कारण अपना नाम मीरा बताने के अतिरिक्त कोई सूचना देने में असमर्थ थी। इस कारण उनके परिजनों से सम्पर्क नही हो पा रहा था।
उन्होंने बताया कि बुजुर्ग महिला मीरा लम्बे समय से एक ही स्थान पर रहने के कारण स्थानीय निवासियों से भी परिचय हो गया था। सभी उन्हें प्रेम और सम्मान से नानी कहकर बुलाते थे। भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के प्रथम चरण में विभिन्न स्थानों पर भिखारियों का चिन्हीकरण किया गया। द्वितीय चरण के अन्तर्गत समझाईश करने का अभियान चलाया गया। नानी से जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला अधिकारिता विभाग, सीफार एनजीओ तथा अपना घर द्वारा लगातार समझाईश की गई। इसी का परिणाम हुआ कि नानी अपना घर में चलने के लिए उतावली हो गई।
उन्होंने बताया कि अपना घर की एम्बुलेंस के माध्यम से नानी को ससम्मान तथा प्रेमपूर्वक अपना घर आश्रम ले जाया गया। यहां अपना घर में पहुंचते ही गणवेश में कुर्सी पर बैठकर नानी बहुत खुश हुई। उनका प्रभु समझकर उपचार किया जाएगा। नानी की मानसिक स्थिति ठीक करने के लिए दवाईयां दी जाएगी। उनकी वृद्धावस्था जन्य बीमारियों का उपचार भी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा करवाया जाएगा। साथ ही संस्था द्वारा ताजा, गर्म एवं पोष्टिक नाश्ता, दोपहर का भोजन तथा सायंकालीन भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नानी के पास व्यक्तियों द्वारा दिए गए सामान का ढेर लगा था। इसमें वर्षो पुरानी खाद्य सामग्री सड़ी हुई अवस्था में प्राप्त हुई। इस प्रकार की खाद्य सामग्री खाकर नानी बीमार हो रही थी। उनकी मानसिक अवस्था सही नही होने के कारण अनजाने में ऎसी पुरानी सामग्री भी खा रही थी। नानी के पास से बडी मात्रा में कपडे तथा धन राशि भी प्राप्त हुई। वहां से लाल कम्बल, काला कम्बल, भूरा कम्बल, पिंक कम्बल 3, सर्दी का कोट, अनगिनत चुनरी, लहंगा आदि, बाल्टी, खाने का दुर्गन्ध देता सामान, बर्तन, चप्पल, पर्स, फोटो, सॉल तथा 11 हजार से अधिक नगद राशि मिली। नगद राशि में एक रूपए के सिक्के से लेकर 500 रूपए तक के नोट प्राप्त हुए। 20 रूपए के 73 तथा 10 रूपए के 567 नोट पाए गए। नोटाें की अधिक संख्या को देखते हुए गणना के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवक लगाने पड़े।
उन्होंने बताया कि सरकार भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का पुनर्वास सुनिश्चित कर रही है। इस प्रकार के व्यक्तियों को प्रशासन द्वारा भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा, रोजगार एवं भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। ये सुविधाएं निःशुल्क है। आमजन द्वारा भिखारियों को धन राशि देने के कारण भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्ति इसे अपना व्यवसाय बना लेते है। वे इस प्रवृति को लगातार पैसे मिलने के कारण छोड़ते नहीं है। भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों को भीख के रूप में पैसे देने से बचा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया किअजमेर शहर के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) तथा अन्य क्षेत्रों में संबंधित उपखण्ड अधिकारी भिक्षावृत्ति मुक्त अजमेर अभियान के लिए नोडल अधिकारी है। इनके द्वारा डिजीटल चिन्हीकरण, समझाईश एवं रेसक्यू का क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ अस्थाई पुनर्वास केन्द्रों का संचालन किया जाएगा। सम्बन्धित नोडल अधिकारी अपने क्षेत्र को भिक्षावृत्ति मुक्त होने की घोषणा करेंगे। पुलिस विभाग द्वारा सड़क, चौराहों, धार्मिक स्थलों, रेल्वे स्टेशनों, बस स्टेशनों एवं अन्य स्थानों पर भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों, बच्चों एवं परिवारों को रेसक्यू कर पात्रता अनुसार बालगृह, महिलागृह, विमंदितगृह एवं रेनबसेरों में पहुंचाया जाएगा।
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