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December 7, 2022
पुष्कर नाला क्षेत्र के किसानों ने बुधवार को जिला कलेक्टर,उपखंड कार्यालय पुष्कर, अधिशासी अधिकारी और पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन देकर नाला पुष्कर की भूमि को अनावश्यक भराव क्षेत्र बताकर किसानों पर हो रहे अत्याचार व अन्याय को रोकने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया कि सन 1975 में जब भारी बरसात हुई उस समय पहाड़ में आने वाले पानी की निकासी की सुगम व्यवस्था नहीं थी।यदि किसानों के खेतों को डूब क्षेत्र बताया जाता है तो वर्ष 1975 में ब्रह्म चौक, वराह घाट, छोटी बस्ती, होली का चौक मनसा तलाई तथा होटल लेक पैलेस उक्त संपूर्ण एरिया 1975 की बरसात में डूब क्षेत्र बन गया था।नाला पुष्कर के किसान अपनी खेती करके खेती को पूरे भारतवर्ष में बेचने का कार्य करते हैं। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि यदि जिला प्रशासन इस बात को मानता है कि नाला पुष्कर की जमीने डूब क्षेत्र में आती है तो जो 1975 में डूब क्षेत्र में आया उन सभी को चिन्हित किया जावे। ज्ञापन में बताया कि उच्च न्यायालय डीबी सिविल रिट पीटी सिटीजन संख्या 5464/ 2007 सिविल रिट संख्या 22481/ 2009, 9541/ 2009 उक्त रीटो कोे उच्च न्यायालय वृत खंडपीठ के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बिना किसी आदेश के डिस्पोज कर दी थी। किसानों पर हो रहे अत्याचार व अन्याय रोका जाए।ज्ञापन देने के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य मदन सिंह रावत, पूर्व उप प्रधान मोहन सिंह रावत, किसान मोर्चा अध्यक्ष घनश्याम सिंह भाटी, सत्यनारायण भाटी, पार्षद धीरज जादम, बूढ़ा पुष्कर भाजपा महामंत्री हरिशंकर चौहान गौरव भाटी सहित कई किसान मौजूद रहे।
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