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November 28, 2022
महाराष्ट्र के दांडी पालघर से हिन्दू ज़ायरीन का 11 सदस्यों का जत्था पैदल यात्रा कर 24 दिनों में अजमेर शरीफ़ पहुंचा। लगातार 6 सालों से ये जत्था दांडी पालघर से विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत ख्वाज़ा गरीब नवाज रहमातुल्लाह अलैहि की दरगाह में हजारी देने आता रहा है। 3 नवंबर को पालघर से 1050 किलों मीटर की पैदल यात्रा कर ये जत्था अजमेर पहुंचा था। जहा दरग़ाह के बुजुर्ग ख़ादिम डॉ सैय्यद नजमुल हसन चिश्ती ने आहता नूर परिसर में सभी का फूल माला पहना कर स्वागत किया और दुआओं से नवाज़ा। जत्थे के सदस्य विश्वनाथ दवड़े ने बताया कि पिछले 6 सालों से वो और उनके साथ ख्वाज़ा साहब की बारगाह में पालघर से आ रहे है। उनका ये 6 साल पूरा हुआ है और अगले बरस फिर आकर 7 साल पूरा करेंगे। अन्य सदस्य जितेंद्र तांडेले ने बताया कि अजमेर आये 11 सदस्यों ने ख्वाज़ा साहब की मज़ार मुबारक़ अक़ीदत की तिरंगा रंग से सजी चादर कलमा लिखी हुई और मक्का मदीना शरीफ बनी हुई पेश की है। ख्वाज़ा साहब के बारगाह में देश मे अमन शांति की विशेष दुआ करने की नीयत से महाराष्ट्र से अजमेर का सफर किया जा रहा है। जत्थे के सदस्यों को दरग़ाह में ज़ियारत सैय्यद जव्वाद चिश्ति ने कराई और दस्तरबन्दी कर तबर्रुख भेंट किया। जत्थे में आने वाले ज़ायरीन में सचिन डोलेकर,मोरेश्वर तामोर,अनत धुलसाड़ा,यशवंत धुलसाडा, लड़का धुलसाडा, अक्षय घटाल,हनीफ़ शेख,अमीर शैख़ और आनंद राजपूत आदि शामिल थे।
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