Post Views 81
November 26, 2022
26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद राजस्थान की अजमेर इकाई व अजमेर अभिभाषक सामाजिक जीवन स्तरोन्नयन व शिक्षार्थ सहकारी समिति लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान मे आयोजित संविधान दिवस समारोह व विधिक कार्यशाला मे सभी अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया
संविधान दिवस समारोह के प्रथम सत्र मे न्यायिक भर्ती एवं वर्तमान कॉलेजियम सिस्टम को लेकर उपजे विवाद पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें जिला वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश सिंह राणा, अशोक अग्रवाल,बसंत विजयवर्गीय,अजय गोयल ने न्यायिक भर्ती एवं कॉलेजियम सिस्टम पर विस्तृत जानकारी दी एवं इस आशय का एक प्रस्ताव भी राष्ट्रपति महोदया को देना तय किया कि वर्तमान कॉलेजियम सिस्टम में बदलाव की आवश्यकता है एवं न्यायिक भर्ती प्रक्रिया भी पूर्णतया पारदर्शी होनी चाहिए
समारोह के द्वितीय सत्र में संविधान दिवस के उपलक्ष में वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे संविधानिक प्रावधानों की विस्तृत चर्चा की गई जिसमें कार्यक्रम के अध्यक्षता मधुर मनोहर रंगा एवं सत्र मे वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि संविधान के निर्माण के समय भारत में प्रचलित रीति-रिवाजों सभ्यता एवं संस्कृति के अनुरूप संविधान की मूल प्रति मे लगभग 22 चित्र दर्शित थे ,आजादी के पश्चात सरकारों ने अपने व्यक्तिगत लाभ एवं वोट बैंक के लिए संविधान में संशोधन किए गए जिस के विभिन्न दुष्परिणाम भी सामने आए हैंकिंतु अबकी सरकार ने संविधान संशोधनों में से एक संशोधन अनुच्छेद 35a को हाल ही में केंद्र सरकार ने संसद में कानून पारित किया है इसी प्रकार अनुच्छेद 28 एवं अनुच्छेद 29,30 की व्याख्या की जानी आवश्यक है क्योंकि यह भारतवर्ष के दो वर्गों में विभाजन पैदा करते है
कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद् के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह राणा ने अधिवक्ता परिषद के बारे में विस्तृत जानकारी दी कार्यक्रम के अंत में अधिवक्ता परिषद अजमेर इकाई के अध्यक्ष रामस्वरूप ने धन्यवाद ज्ञापित किया व कार्यक्रम का संचालन मनीष खंडेलवाल भूपेंद्र सिंह चौहान ने किया
Satyam Diagnostic Centre
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved