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November 19, 2022
जिला करौली के निसूरा गांव से आए दूल्हे ने अजमेर की दुल्हन के साथ बिना दहेज के रचाई शादी
शगुन के रूप में ₹1 और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का स्मृति चिन्ह लेकर समाज को दहेज मुक्त शादी का दिया संदेश
अजमेर के आनंदम समारोह स्थल में पिछले दिनों हुई शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। जिला करौली के निसूरा गांव के रहने वाले नर्सिंग ऑफिसर सागर डोरवाल ने अपनी दुल्हन अध्यापिका अजमेर निवासी निधि उर्फ रीना धामेल के साथ बिना दहेज के शादी रचाकर वाल्मीकि समाज में दहेज मुक्त शादी का संदेश दिया। इस विषय पर वर पक्ष का कहना है कि आज के समय में प्रत्येक मां-बाप का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा उपलब्ध करवाना है लेकिन दहेज जैसी कुप्रथा के कारण अधिकांश माता पिता की लगभग पूरी जिंदगी दहेज के पैसे इकट्ठे करने में ही निकल जाती है और जिस खून पसीने की कमाई को मां बाप अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य में लगाना चाहते हैं उस पैसे को दहेज के लिए सहेज कर रखना पड़ता है। इस कारण अधिकांश लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते। दहेज प्रथा एक ऐसी बीमारी है जो समय दर समय समाज को कर्ज में डूबाने का काम करती है। अब सबको मिलकर दहेज प्रथा के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है।
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